
हिमाचल में 10 से कम विद्यार्थियों वाले 316 मिडल स्कूल मर्ज करने की तैयारी शुरू हो गई है। इन स्कूलों में पढ़ने वाले 2,116 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए 813 शिक्षक नियुक्त हैं। ये स्कूल दो से सात किलोमीटर की दूरी वाले नजदीकी स्कूलों में मर्ज किए जाएंगे। ऐसे कई मिडल स्कूलों में तीन से पांच शिक्षक और तीन-तीन गैर शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया है।
बीते वर्ष सरकार ने पांच विद्यार्थियों की संख्या वाले मिडल स्कूलों को दो से तीन किलोमीटर के दायरे वाले स्कूलों में मर्ज किया था। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र से पहले इस बारे में फैसला लिया जाना है। निदेशालय से सरकार को भेजे प्रस्ताव में मर्ज किए जाने वाले स्कूल के नजदीक कौन सा स्कूल और कितनी दूरी पर है, इसकी विस्तृत रिपोर्ट भेजी गई है। स्कूलों को मर्ज करने में क्या-क्या परेशानियां पेश आ सकती हैं, इसका जिक्र भी रिपोर्ट में किया है। कम विद्यार्थियों वाले सबसे अधिक मिडल स्कूल शिमला जिले में हैं। यहां ऐसे स्कूलों की संख्या 97 हैं। कांगड़ा में 51 स्कूल हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि सरकार के आदेशानुसार इस मामले में अंतिम फैसला लिया जाएगा।
