शिक्षा नीति में परिवर्तन से कोचिंग का बढ़ा महत्व

नाहन (सिरमौर)। प्रदेश के अग्रणी समाचार पत्र ‘अमर उजाला’ की ओर से प्रायोजित और कैरियर अकादमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शनिवार को आयोजित कैरियर सेमीनार में बतौर मुख्यातिथि संस्थान के निदेशक एसएस राठी ने कहा कि देश की शिक्षा नीति में मानव संस्थान मंत्रालय की ओर से किए गए आमूलचूल परिवर्तन के बाद प्रतियोगिता परीक्षाएं और अधिक उपयोगी हो गई हैं। उन्होंने छात्रों को समझाया कि राज्य एवं अन्य बोर्ड परीक्षाओं को पास करने के बाद छात्रों के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती अपना कैरियर चुनने की है।
सेमीनार में कैरियर अकादमी के सचिव मनोज राठी ने अपने संबोधन में छात्रों को हिमाचल बोर्ड शिक्षा की उपयोगिता बताई और जेईई सहित अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं के पेटर्न में किए गए बदलाव के बारे में विस्तार से समझाया।
उन्होंने बताया कि अब छात्रों को कई महत्वपूर्ण प्रतियोगिता परीक्षाओं में परसंटेज नहीं बल्कि परसनटाइल प्रणाली अपनाई जा रही है जिससे अधिकतर छात्र अनभिज्ञ हैं। उन्होंने बताया कि अब प्रतियोगिता परीक्षाओं में 20 से 30 प्रतिशत सवाल या तो सिलेबस से बाहर के पूछे जा रहे हैं या नुमेरिकल के रूप में पूछे जा रहे हैं जिनके लिए छात्रों को पहले ही तैयारी करनी होगी विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी स्कूलों के छात्रों को अधिक ध्यान देना होगा।
एसवीएन स्कूल के प्रधानाचार्य एवं सेमीनार में बतौर विषय विशेषज्ञ कुंदर ठाकुर ने छात्रों को समझाया कि विद्यार्थियों को नौवीं कक्षा से ही अपने भविष्य को संवारने के लिए प्रयास शुरू करने होंगे। उन्हाेंने छात्रों से अपने स्कूल के अनुभव बांटे और कहा कि दिनदिनों उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ती जा रही है जिससे छात्रों को अधिक मेहनत करने की जरूरत है।
कैरियर अकादमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य सतीश दुग्गल ने बताया कि छात्रों को अपने ज्ञान में बढ़ोत्तरी करनी होगी और अपनी स्किल को सही दिशा में ले जाना होगा तभी आगे बढ़कर वह अपने क्षेत्र में सफल हो सकते हैं।
संस्थान के अतिरिक्त सचिव ललित राठी ने छात्रों को परीक्षा की तैयारी एवं कैरियर चुनने के बारे में गाइड किया और छात्रों के सवालों का जवाब दिया। इस मौके पर पर छात्र और उनके अभिभावक भी मौजूद थे।

Related posts