सरकार ने मेडिकल और इंजीनियरिंग क्षेत्र में इन पदों को भरने की दी मंजूरी

सरकार ने मेडिकल और  इंजीनियरिंग क्षेत्र में इन पदों को भरने की दी मंजूरी

डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के 30 पद तथा सहायक स्टाफ के 326 पद सृजित कर भरे जाएंगे। शनिवार को कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। मंत्रिमंडल ने राजकीय हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला जिला बिलासपुर में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (इलेक्ट्रिक वाहन प्रौद्योगिकी) में एमटेक शुरू करने  तथा इसके लिए तीन पदों को सृजित कर भरने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में मत्स्य विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 28 पद भरने को मंजूरी प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने राज्य कर एवं आबकारी विभाग में सहायक राज्य कर एवं आबकारी अधिकारियों के 25 पद भरने को मंजूरी प्रदान की।

बैठक में हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर के सुचारू संचालन के लिए आयोग में 10 पदों को भरने का निर्णय लिया गया।  डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर में एक नई पुलिस चौकी खोलने तथा विभिन्न श्रेणियों के सात पदों के सृजन तथा भरने को भी मंजूरी प्रदान की गई।

एचपीएमसी को आशय पत्र जारी कर दी गई वाइनरी शुरू करने की मंजूरी 
एचपीएमसी (हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम) की पराला में स्थापित की गई नई वाइनरी में दो माह के भीतर उत्पादन शुरू हो जाएगा। एचपीएमसी ने बड़े पैमाने पर वाइन उत्पादन की तैयारियां पूरी कर ली है। एचपीएमसी ने सालाना एक लाख लीटर वाइन बनाने का लक्ष्य रखा है। शनिवार को मंत्रिमंडल की बैठक में शिमला जिला के पराला में वाइनरी स्थापित करने के लिए मैसर्ज हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम के पक्ष में आशय पत्र जारी कर मंजूरी प्रदान करने का निर्णय लिया।

शुरुआत में इससे निगम को सालाना 5 करोड़ की अतिरिक्त आय का अनुमान है। एक लाख लीटर वाइन बनाने के लिए निगम को मंडी मध्यस्थता योजना के तहत अतिरिक्त सेब खरीद की आवश्यकता पड़ेगी, जिससे बागवानों को लाभ होगा। मौजूदा समय में एचपीएमसी 40 से 50 हजार लीटर वाइन तैयार करता है,  जिसकी प्रदेश में ही खपत हो जाती है। दोगुना उत्पादन होने पर एचपीएमसी का प्रदेश के बाहर भी मार्केट तलाशनी होगी। मौजूदा समय में एचपीएमसी फलों से रेड वाइन बना रहा है, जिससे एचपीएमसी को बड़ी आय हो रही है। एक साल में करीब डेढ़ करोड़ की वाइन बिक रही है। अभी तक एचपीएमसी के पास केवल सुंदरनगर के जड़ोल में पचास  हजार लीटर क्षमता का प्लांट है, लेकिन अब जड़ोल में भी पचास हजार लीटर क्षमता का एक नया प्लांट लगा दिया है।

बाजार में एक बेहतर रेड वाइन (750 एमएल) की बोतल ग्यारह से बारह सौ रुपये में बिकती है, जबकि एचएमसी की रेड वाइन की कीमत 600 सौ रुपये है। इस वजह से एचपीएमसी की रेड वाइन की डिमांड अधिक है। एचपीएमसी अंगूर, सेब, आम, कीवी, स्ट्रॉबेरी, बुरांस और संतरे से रेड वाइन तैयार कर रहा है। सबसे ज्यादा मांग रेड वाइन, एपल वाइन और ऑरेंज वाइन की रहती है। सबसे ज्यादा महंगी रेड वाइन 600 रुपये प्रति बोतल, ऑरेंज वाइन 550 रुपये, एपल वाइन 370 रुपये में बेची जाती है।

नर्सिंग कॉलेज बढेड़ा में बढ़ेंगी जीएनएम की सीटें
बैठक में ऊना जिले के हरोली में हिमकैप्स नर्सिंग कॉलेज बढेड़ा को जीएनएम पाठ्यक्रम की 20 सीटें बढ़ाकर 40 से 60 करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्रदान करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने राजकीय बहुतकनीकी कॉलेज हमीरपुर में कंप्यूटर इंजीनियरिंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स के नए डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया।मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिले में हाल ही में खोले गए खंड चिकित्सा कार्यालय देहरा में विभिन्न श्रेणियों के छह पदों को सृजित कर भरने का निर्णय लिया। स्तरोन्नत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुम्मा के लिए विभिन्न श्रेणियों के चार पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया।

एप्पल लिक्योर का प्लांट भी होगा शुरू
एचपीएमसी के पराला स्थित संयंत्र में ही एप्पल लिक्योर बनाने का प्लांट स्थापित किया गया है। सरकार की ओर से मंजूरी मिलने के बाद अब एचपीएमसी जल्द ही यहां एप्पल लिक्योर का उत्पादन भी शुरू कर देगा। एप्पल लिक्योर बनाने के लिए एचपीएमसी विशेषज्ञों से राय ले रहा है। एप्पल लिक्योर का उत्पादन शुरू होने से निगम की आय में और अधिक बढ़ोतरी होगी।

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