
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस को लेकर देश को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन की मशहूर हस्तियों के बारे में बात की। अब इसी संबोधन पर कांग्रेस का गुस्सा भड़क गया है। सबसे पुरानी पार्टी ने राष्ट्रपति के संबोधन में स्वतंत्रता आंदोलन की मशहूर हस्तियों में जवाहरलाल नेहरू का नाम नहीं लिए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। साथ ही आरोप लगाया कि यह भारत के पहले प्रधानमंत्री को इतिहास से मिटाने के अभियान का हिस्सा है।15 अगस्त, 1947 को ऑल इंडिया रेडियो…
कांग्रेस महासचिव प्रभारी संचार जयराम रमेश ने याद किया कि 14 अगस्त, 1947 की आधी रात को जवाहरलाल नेहरू ने सेंट्रल हॉल में अपना अमर ‘भाग्य से मुलाकात’ भाषण दिया था। उन्होंने कहा, ’15 अगस्त, 1947 को ऑल इंडिया रेडियो पर देश के नाम उनका संबोधन कम जाना जाता है, लेकिन उतना ही महत्वपूर्ण और ज्ञानवर्धक था, जिसकी शुरुआत उन्होंने खुद को ‘भारतीय जनता का पहला सेवक’ बताते हुए की थी। राष्ट्र के नाम उनका संदेश 15 अगस्त 1947 की सुबह अखबारों में छपा था।’
क्या ही अद्भुत मंत्रिमंडल था
उन्होंने याद दिलाया कि इसी दिन 14 मंत्रियों ने शपथ ली थी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इनमें नेहरू और सरदार पटेल के अलावा राजेंद्र प्रसाद, मौलाना आजाद, डॉ. अंबेडकर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, जगजीवन राम, राजकुमारी अमृत कौर, सरदार बलदेव सिंह, सीएच भाभा, जॉन मथाई, आरके शनमुखम चेट्टी, एनवी गाडगिल और रफी अहमद किदवई शामिल थे। चार हफ्ते से भी कम समय के बाद, केसी नियोगी और गोपालस्वामी अयंगर ने भी शपथ ली। उन्होंने कहा, ‘यह कितना अद्भुत मंत्रिमंडल था, जो प्रतिभाशाली व्यक्तित्वों से भरा हुआ था।’
