
परवाणू-शिमला फोरलेन पर चक्कीमोड़ समेत अन्य जगहों पर पहाड़ों को दरकने से रोकना एनएचएआई के लिए चुनौती बना हुआ है। अब निजी कंपनी पहाड़ को दरकने से रोकेगी। इसके लिए एनएचएआई ने एक निजी कंपनी से करार किया है। बताया जा रहा है कि जल्द ही यह कंपनी यहां पर काम शुरू करेगी। कंपनी के पास पहाड़ों को दरकने से रोकने के लिए डंगे लगाने की विशेष तकनीक है। इसमें कई एक्सपर्ट हैं जो इस पर पहले भी काम कर चुके हैं।
गौरतलब है कि दो महीने पहले एनएचएआई ने चक्कीमोड़ के पहाड़ को दरकने से रोकने के लिए कंक्रीट के डंगे लगाए थे, लेकिन डंगे टूट गए हैं। मौजूदा समय में यहां पर मलबा सड़क किनारे पड़ा है और इसे हटाने के लिए कंपनी ने मशीनें भी लगाई हैं। बार-बार भूस्खलन होने से फोरलेन भी बंद हो जाता है जिससे वाहन चालकों के लिए भी मुसीबत खड़ी हो जाती है। लिहाजा अब निजी कंपनी से एनएचएआई को उम्मीद है कि वह पहाड़ों को दरकने से रोकने में सफल होगी। उसके बाद ही यहां पर सड़क को नए सिरे से बनाने का कार्य शुरू हो पाएगा।
उधर, ग्रील कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज कुमार ने बताया कि अब एक नई कंपनी यहां पर पहाड़ को दरकने से रोकने के लिए जल्द कार्य शुरू करेगी। इसके लिए एनएचएआई और कंपनी के बीच करार हो चुका है।
