प्रदेश में शिक्षकों की कमी को शीघ्र किया जाएगा दूर, 2200 जेबीटी और टीजीटी को मिलेगी नियुक्ति : मंत्री रोहित ठाकुर

प्रदेश में शिक्षकों की कमी को शीघ्र किया जाएगा दूर, 2200 जेबीटी और टीजीटी को मिलेगी नियुक्ति  : मंत्री रोहित ठाकुर

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए आज समय के अनुसार बदलाव की जरूरत है। गुरुवार को सचिवालय में मीडिया से बातचीत में कहा, करीब 2,200 जेबीटी और टीजीटी की बैचवाइज भर्ती जल्द की जा रही है। शिक्षकों की तैनाती के लिए पैरामीटर तय किए गए हैं। राज्य में बिना शिक्षक प्रतिनियुक्ति के आधार पर 350 स्कूल चल रहे हैं। 3,200 स्कूल एक-एक शिक्षक के सहारे हैं। इन स्कूलों में नवनियुक्त शिक्षकों को तैनाती दी जाएगी।

हमीरपुर भर्ती आयोग के माध्यम से जेबीटी और टीजीटी की सीधी भर्ती भी जल्द शुरू होगी। वहीं, स्कूल प्रवक्ताओं के 585 पद भरे जाएंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा, प्री नर्सरी टीचरों की भर्ती के लिए सरकार ने 6,100 पद मंजूर किए हैं। भर्ती केंद्र के निर्देशानुसार होगी। दो वर्ष का कोर्स करने वाले भर्ती में शामिल होंगे। एनसीटीई की गाइडलाइन के अनुसार मान्यता प्राप्त संस्थानों से कोर्स करने वालों को  भर्ती में शामिल किया जाएगा।

जल्द ही भर्ती शुरू की जाएगी। पूर्व सरकार के समय से प्री प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती लटकी है। रोहित ठाकुर ने कहा, नेता विपक्ष की सोच हर चीज में राजनीति से प्रेरित है। बच्चों को पीने के पानी के लिए बोतलें देने का फैसला सरकार का है। अगर नेता विपक्ष को मामले में भ्रष्टाचार नजर आ रहा है तो तथ्य देने चाहिए। तथ्यों पर आधारित जानकारी उपलब्ध कराएंगे तो सरकार जांच भी करवाएगी।

पांच से कम बच्चों वाले 700 स्कूलों को किया जाएगा मर्ज 

प्रदेश में डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी वाले स्कूल पहले चरण में मर्ज होंगे। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा, पांच विद्यार्थियों से कम संख्या वाले 700 स्कूलों को मर्ज किया जाएगा। शिक्षा निदेशालय इस संबंध में प्रारूप तैयार कर रहा है, जल्द निर्णय लेंगे। वित्त आयोग के दौरे के दौरान पर भी इस विषय पर चर्चा हुई थी। आयोग से भी सुझाव आया है कि जहां बच्चे कम हैं, ऐसे स्कूलों को मर्ज किया जाना चाहिए। सरकार के ध्यान में मामला पहले से ही है। स्कूलों में एनरोलमेंट में भी कमी आई है। बीते वर्ष भी दो या दो से कम विद्यार्थी संख्या वाले स्कूलों को मर्ज किया गया था।

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