
रामपुर बुशहर। मंगलाड (ज्यूरी) में बन रहे निजी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के प्रभावितों ने प्रोजेक्ट में 40 वर्ष के लिए रोजगार मांगा है। इसके अतिरिक्त उन्होंने प्रोजेक्ट के किसी भी कार्य को स्थानीय ठेकेदार से कराने की भी मांग की है। प्रभावितों ने कहा कि अगर इन मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे अपने हक के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। रामपुर के कोशगर गांव में प्रबंधन के साथ आयोजित बैठक में प्रभावितों ने यह मांगें रखीं।
तहसीलदार रामपुर मुकेश शर्मा की मौजूदगी में हुई बैठक में प्रभावितों ने कहा कि प्रोजेक्ट से कोशगर तथा मझेवली गांवों को सबसे अधिक नुकसान होगा। इसलिए दोनों गांवों के बेरोजगार युवाओं को प्रबंधन प्रोजेक्ट में 40 वर्ष के लिए रोजगार उपलब्ध करवाए। प्रबंधन प्रोजेक्ट का काम शुरू होने से पहले रोजगार देना सुनिश्चित करे। कहा कि हर जगह देखने में आया है कि प्रबंधन प्रोजेक्ट के कार्य को बाहरी क्षेत्रों के ठेकेदारों से करवाता है और स्थानीय ठेकेदारों को कोई तरजीह नहीं दी जाती है, लेकिन यहां ऐसा नहीं चलने दिया जाएगा। प्रभावितों की ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष गुड्डू राम ने कहा कि प्रबंधन को स्थानीय ठेकेदारों को काम में तवज्जो हर हाल में देनी होगी। बाहरी क्षेत्रों के ठेकेदारों से काम करवाए जाने का भारी विरोध होगा। तहसीलदार मुकेश शर्मा ने कहा कि प्रबंधन इन मांगों को पूरा कर पाता है या नहीं, इसके बारे में डिटेल मांगी गई है। उसके बाद प्रभावितों के साथ बैठक कर उन्हें इसके बारे में अवगत करवा दिया जाएगा। जल्द प्रभावितों के साथ अगली बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में प्रोजेक्ट उप महाप्रबंधक अमृतलाल गौतम, नीलम शर्मा, सोमा शेखर, समिति के सचिव सुभाष नेगी, उपप्रधान कुंदन, मंदिर कमेटी से सुंदर नेगी और रणवीर सिंह मौजूद थे।
