कांगड़ा की उम्मीदें उड़ा ले गए ‘पवन’

धर्मशाला। केंद्रीय रेल मंत्री पवन कुमार बंसल की ओर से मंगलवार को पेश किए गए रेलवे बजट में हिमाचल की अनदेखी से लोगों में आक्रोश है। हिमाचल के साथ सटे चंडीगढ़ से होने के नाते कांगड़ा के लोगों को केंद्रीय मंत्री से इस बार कुछ उम्मीदें थीं, लेकिन ये सब आशाएं उस वक्त धराशायी हो गईं, जब दिल्ली में कांगड़ा का जिक्र तो हुआ मगर कोई ठोस योजना यहां के लिए उनकी झोली से नहीं निकली। धर्मशाला, पालमपुर और कांगड़ा से नादौन होते हुए अंब से जोड़ने की उम्मीद से बेशक कुछ खुशी जरूर हुई। मगर महज सर्वेक्षण की घोषणा से कांगड़ा वासी खुद को ठगे से महसूस कर रहे हैं।

ठगा गया हिमाचल
समाज सेवी रोशन लाल नरूला ने कहा कि किसी भी सरकार ने आजादी के उपरांत हिमाचल में रेलवे विस्तार पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि अच्छा होता अगर देश अंग्रेजों का गुलाम ही रहता। इसी बहाने हिमाचल में रेलवे का विस्तार तो होता। नरूला ने सरकार से लद्दाख तक रेलवे विस्तार की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस बजट में भी हिमाचल को ठगा गया है।

बजट का हो प्रावधान
व्यापार मंडल कोतवाली बाजार धर्मशाला के अध्यक्ष रविकांत सोनू ने कहा कि केंद्र सरकार को पर्यटन, व्यापार तथा राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से हिमाचल में रेलवे विस्तार तथा विकास के लिए बजट का प्रावधान करना चाहिए।

बड़ी थी उम्मीद
नगर परिषद धर्मशाला की अध्यक्ष कमला पटियाल ने केंद्र सरकार के बजट में हिमाचल रेलवे को कुछ नहीं मिलने पर रोष जताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को केंद्र के बजट से बड़ी उम्मीदें थीं। केंद्र ने महज कांगड़ा के दो रूटों को सर्वेक्षण में डालने की घोषणा कर इतिश्री कर ली है।

सर्वे का ऐलान तो ठीक पर…
खनियारा पंचायत के वार्ड सदस्य प्रवीण भट्ट का कहना है कि धर्मशाला, पालमपुर तथा नादौन को रेल से जोड़ने के लिए सर्वेक्षण करने की घोषणा एक महत्वपूर्ण निर्णय है। लेकिन इसके साथ ही केंद्र सरकार को हिमाचल के लिए बजट का प्रावधान भी करना चाहिए था तथा ब्रॉडगेज के साथ रेलवे लाइन का विस्तार किया जाना चाहिए।

आश्वासनों का झुनझुना
भाजपा कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के मीडिया प्रभारी राकेश शर्मा का कहना है कि हिमाचल के लिए सबसे जरूरी था कि पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलवे लाइन को ब्राडगेज करने के लिए बजट का प्रावधान किया जाता और सामरिक दृष्टि से अहम इस मार्ग को लेह तक ले जाने के लिए कोई ठोस योजना के साथ बजट रखा जाता। उन्होंने कहा कि बजट में हिमाचल को सिर्फ आश्वासनों का झुनझुना थमाया गया है।

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