
बिलासपुर। राशनकार्ड बनाने की एवज में 75 और 100 रुपये लेने का मामला तूल पकड़ गया है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग तथा नगर परिषद बिलासपुर अपने-अपने एक्ट के प्रावधानों की दुहाई देते हुए फैसले को सही बता रही है। एक्ट को लेकर दोनों विभागों में टकराव की स्थिति हो गई है। नगर परिषद ने राशन कार्ड बनाने से किनारा करते हुए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को स्वयं राशन कार्ड बनाने को कहा है।
नगर परिषद बिलासपुर के अनुसार तमाम कार्य हिमाचल प्रदेश नगर पालि अधिनियम की धारा 60 के तहत किए गए हैं। एक भी पैसा वापस करने का सवाल ही नहीं है। अन्य पंचायतों में भी 100 से 150 रुपये वसूले जा रहे हैं। जबकि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का तर्क है कि अंकित मूल्य पर ही राशनकार्ड बनने थे। यहां तक कि बीपीएल और अंतोदय परिवार को तो राशन कार्ड बिल्कुल मुफ्त में दिए जाने का प्रावधान है। ऐसे में दोनों विभाग के बीच तनातनी बढ़ती ही जा रही है।
नगर परिषद के ईओ पीसी शर्मा ने कहा कि तमाम कार्य नगर पालिका अधिनियम के तहत किए गए हैं। एक्ट में इस तरह का प्रावधान है। वहीं, डीएफसी शिवराम ने कहा कि विभाग के एक्ट के अनुसार राशनकार्ड का रेट पांच रुपये निर्धारित किया गया है। सरकार ने ही राशनकार्ड प्रिंट करवाए हैं। लिहाजा, ज्यादा दाम नहीं वसूले जा सकते।
