
जम्मू
सुरक्षा बल, सेना और पुलिस ने मिलकर चलाए ऑपरेशन
सेना ने जीवित आतंकी पकड़े, कुछ को आत्मसमर्पण के लिए किया मजबूर
विस्तार
प्रदेश में आतंकवाद के खात्मे के लिए सुरक्षा बल और पुलिस बल ने कार्रवाई तेज कर दी है। अभी तक कुल 203 आतंकवादियों को ढेर किया जा चुका है। इसमें 166 स्थानीय आतंकवादी शामिल है। वहीं, 43 नागरिक भी मुठभेड़ में हताहत हुए।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार 92 लोग आतंकी हमलों के दौरान घायल हुए। वहीं, सुरक्षा बलों ने 49 आतंकवादियों को गिरफ्तार भी किया है। इस साल के दौरान नौ आतंकवादियों द्वारा आत्मसमर्पण किया। यह कार्रवाई सेना, पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा की गई। इनके प्रयासों से ही देश के दुश्मनों को मौत के घाट उतारा गया। अधिकारियों ने कहा कि संयुक्त सुरक्षा ग्रिड में कार्यरत सीआरपीएफ ने इस वर्ष जम्मू और कश्मीर में 203 आतंकवादी मारे। इसमें 166 स्थानीय आतंकी हैं। 37 पाकिस्तान या विदेशी मूल के भी शामिल रहे।
2020 में 96 आतंकवादी घटनाएं हुईं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में 43 लोग मारे गए थे। 92 लोग हताहत हुए। वहीं, नागरिक हताहतों की संख्या 2019 के मुकाबले काफी कम है। इस साल 185 लोग हताहत हुए थे। 2020 में 36 आइईडी बरामद की गई जबकि बीते साल 14 आईईडी की वसूली हुई थी। 2019 में 152 आतंकवादी, जिनमें 120 स्थानीय और 32 पाकिस्तान मूल के थे, सुरक्षा बलों ने मार गिराए थे। 2018 में 215 आतंकवादी सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिए थे। कुल 257 आतंकवादी, 91 सुरक्षाकर्मी और 39 नागरिक में मारे गए थे।
इस साल सबसे ज्यादा 614 आतंकी वारदातें हुईं। 2017 में 213 आतंकवादी, 80 सुरक्षाकर्मी और 40 नागरिक मारे गए थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदेश में 342 आतंकी घटनाओं हुईं। 2016 में कुल 150 आतंकवादी, 82 सुरक्षाकर्मी और 15 नागरिक मारे गए थे। कुल 322 आतंकवादी घटनाएं हुईं।
2015 में 108 आतंकवादी, 39 सुरक्षाकर्मी और 17 नागरिक मारे गए। 2014 में कुल 222 आतंकी वारदातों में 110 आतंकवादी, 47 सुरक्षाकर्मी और 28 नागरिक मारे गए थे। सूत्रों के मुताबिक दक्षिण कश्मीर में सबसे ज्यादा आतंकी हमले हुए। शोपियां, कुलगाम और पुलवामा में आतंकी हमले के कारण माहौल अशांत रहा। आतंकी समूहों द्वारा स्थानीय युवाओं की भर्ती भी ज्यादा की है।
