
जम्मू
जिला विकास परिषद की सीधे निर्वाचित होने वाली 14 सीटों में एक तिहाई महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। पंचायतों के बाद जिला परिषद में महिलाओं की नुमाइंदगी सुनिश्चित होने से महिला सशक्तीकरण को एक और पायदान मिलेगा। जम्मू-कश्मीर पंचायती राज एक्ट में संशोधन को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के साथ ही प्रदेश में भारतीय संविधान का 73वां संशोधन अधिनियम भी पूरी तरह से लागू हो गया है।
पंचायत, ब्लॉक के बाद जिला परिषद का त्रिस्तरीय ढांचा ग्रामीण विकास में जवाबदेही के साथ रफ्तार लाएगा। महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण के अलावा जिला परिषद में अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग को कुल आबादी में प्रतिशत के हिसाब से आरक्षण मिलेगा। जिला विकास परिषद नामांकन के लिए किसी भी पंचायत में मतदाता के तौर पर नाम दर्ज होना आवश्यक होगा।
पंचायतों की निगरानी के अधिकार, पांच स्टैंडिंग कमेटियां होंगी गठित
जिला विकास परिषदों के पास पंचायत स्तर तक निगरानी के अधिकार होंगे। विकास योजनाएं तैयार करने से लेकर उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया में जिला परिषद की अहम भूमिका होगी। परिषद गठन होने पर पांच स्टैंडिंग कमेटियां बनाई जाएंगी। इसमें वित्त, विकास, लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं शिक्षा और कल्याण कार्यों की कमेटी शामिल होगी।
