पाक से आया दंपती, 16 माह बाद बेटे संग लौटा, कहा- भारत मां का आशीर्वाद मिला

पाक से आया दंपती, 16 माह बाद बेटे संग लौटा, कहा- भारत मां का आशीर्वाद मिला

अमृतसर (पंजाब),
शादी को कई वर्ष हो चुके थे और कोई औलाद नहीं थी। पाकिस्तान के बड़े-बड़े डॉक्टरों से इलाज करवाया लेकिन गोद सूनी थी। इस कारण पति नरेश चावला मानसिक रूप से परेशान रहते थे। एक दिन घर के बड़े बुजुर्गों ने कहा कि हिंदुस्तान के इंदौर शहर में रहने वाले अपने रिश्तेदारों से क्यों न बात की जाए।

जब रिश्तेदारों से पूछा गया कि क्या हिंदुस्तान में ऐसा कोई इलाज है, जिससे गोद हरी हो जाए। इसके बाद इंदौर में रहने वाले रिश्तेदारों ने उन्हें यहां आने को कहा। अब 16 माह बाद बच्चे की किलकारियों के साथ पाकिस्तान लौट रही हूं। ये बातें अटारी बॉर्डर से पाकिस्तान जा रहीं पाकिस्तान के सिंध प्रांत की आशा चावला ने कहीं। आशा और उनके पति नरेश चावला अपने चार माह के बेटे को गोद में उठाए फूले नहीं समा रहे थे, क्योंकि वह जिस उम्मीद से भारत आये थे, वह पूरी हो गई थी।

मई 2019 में जब वह अटारी सड़क सीमा के रास्ते हिंदुस्तान आए, तब वह बेहद अवसाद में थीं। उनका इंदौर में रहने वाले रिश्तेदारों ने एक बड़े अस्पताल में इलाज करवाया। इसके बाद 16 मई, 2020 को अस्पताल में उनके बेटे की किलकारी गूंजी तो लगा कि जहां भर की खुशियां उनकी झोली में आ गई हैं। उन्होंने कहा कि वह भारत सरकार की शुक्रगुजार हैं, जिन्होंने इंदौर के एक रिश्तेदार के घर ठहरने की मंजूरी दी और वीजा अवधि भी बढ़ाई।

जब उनसे पूछा गया कि बेटे का क्या नाम रखा है, इस पर नरेश चावला ने कहा कि वह सिंधी समाज से हैं। उनके गुरु इंदौर में हैं। बेटे का जन्म कोरोना महामारी के दौरान हुआ है, इसलिए उन्होंने इसका नाम अवतार लाल चावला रखा है। ईश्वर ने उनके परिवार की प्रार्थना को सुन लिया है। परिवार के भाग्य खुल गए हैं। बेटा भारत में जन्मा, इसलिए भारत माता का आशीर्वाद भी उसे मिल गया है। पाकिस्तान में रहने वाले बच्चे के दादा-दादी व नाना-नानी सहित सभी रिश्तेदार बच्चे की पहली झलक पाने को बेताब हैं। यही कारण है कि वह सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर वाघा सीमा पर अवतार का स्वागत करने पहुंचे हुए हैं।

पारिवारिक सदस्य का इलाज करवाकर जा रहा हूं
पाकिस्तानी नागरिक सुरेश कुमार का कहना था कि वह अपने पारिवारिक सदस्य का कैंसर का इलाज करवाने फरवरी में हिंदुस्तान आया था। हिंदुस्तान में मेडिकल सुविधाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर की हैं। अब वह ठीक होकर पाकिस्तान लौट रहे हैं। अस्पताल में इलाज के दौरान बहुत सुविधाएं मिलीं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत होने चाहिए।

इलाज के लिए कई पाकिस्तानी भारत आना चाहते हैं लेकिन वीजा व अन्य कारणों से वह इलाज से वंचित हो रहे हैं। वहीं पाकिस्तान से इलाज करवाने आई एक महिला भानो ने कहा कि वह एक चिकित्सा प्रक्रिया के लिए भारत आई थी और दिल्ली स्थित भाभी के घर रह रही थी। अब वह ठीक होकर पाकिस्तान जा रही है।

 

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