पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई किसान आंदोलन का फायदा उठा सकती है : कैप्टन अमरिंदर

पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई किसान आंदोलन का फायदा उठा सकती है : कैप्टन अमरिंदर

चंडीगढ़
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आशंका जताई है कि किसान आंदोलन का पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई फायदा उठा सकती है। उन्होंने बताया कि एक माह में सरहद से 150 आतंकी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। साथ ही उनके पास से भारी मात्रा में गोला बारूद भी बरामद हुई है। इससे पंजाब राज्य की सरहदें असुरक्षित हो रही हैं।

चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस भवन में सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ने सावधान करते हुए कहा कि इन नए कानूनों से सरहदी राज्य पंजाब की सुरक्षा खतरे में पड़ेगी, क्योंकि पाकिस्तान की खफिया एजेंसी  आईएसआई हमेशा ही गड़बड़ फैलाने के मौकों की ताक में रहती है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि बीते समय में नासमझी के साथ घटी हिंसा में पंजाब की 35000 जानें आतंकवाद की भेंट चढ़ गई हैं। पिछले महीनों में पंजाब में 150 आतंकियों को गिरफ्तार करने और बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारुद बरामद किए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि वह किसी को भी राज्य के शांत माहौल को भंग करने की इजाजत नहीं देंगे, जो नए कृषि कानून ऐसा होने की संभावना पैदा करते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र के किसान विरोधी और देश विरोधी नए कृषि एक्टों के विरुद्ध कानूनन और कानूनी स्तर पर लड़ाई लड़ने का प्रण लेते हुए कहा कि भारत सरकार के नापाक इरादों से किसानों की रक्षा करने के लिए जो कुछ भी करना पड़ा, वह करेंगे। कैप्टन ने कहा कि इन गैर-कानूनी एक्टों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के लिए कानूनी रास्ता इख्तियार करने के लिए वकीलों के साथ सलाह करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र को अपने फैसले पर फिर विचार करने के लिए मजबूर करने और इन नए कानूनों के विरुद्ध लड़ाई लड़ने के लिए आंदोलन और कानूनी लड़ाई साथ-साथ चलाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह यह कभी भी नहीं चाहते कि पंजाब का नौजवान और किसान अपने जीने के अधिकार की लड़ाई लड़ने के लिए हथियार उठाए।
देश भर में चलाएंगे हस्ताक्षर अभियान, दो करोड़ किसानों को जोड़ेंगे : हरीश रावत
ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के जनरल सचिव और पंजाब प्रभारी हरीश रावत ने कहा कि पंजाब इससे पहले भी देश को रास्ता दिखा चुका है, और अब पंजाब के किसान पूरे देश को रास्ता दिखाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों की इस लड़ाई में बढ़चढ़ कर प्रतिभाग करेगी। दो अक्तूबर से पूरे देश में किसानों को साथ लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। जिसमें दो करोड़ से अधिक किसानों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों के हस्ताक्षर वाले पत्र को पंडित जवाहर लाल नेहरू की जयंती 14 नवंबर को भारत के राष्ट्रपति को सौंपा जाएगा। उन्होंने अकालियों पर तंज कसते हुए कहा कि अकाली लंबे समय तक तो मूक दर्शक बन कर बैठे रहे और अब किसानों के हकों की लड़ाई का लाभ कमाने के लिए आ रहे हैं।

किसानों के लिए नहीं है धारा 144
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने दोहराया कि कोविड से बचाव के लिए लगाई गई धारा 144 के तहत किसानों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, जिनको अपनी रोजी-रोटी के लिए रोष प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ ने कहा कि यह लड़ाई लंबी चलेगी, लेकिन कैप्टन किसानों के हितों की उसी तरह ही रक्षा करेंगे जैसे उन्होंने पहले राज्य के नदियों के पानी को बचाने के लिए किया था।

50 लाख रुपये से होगा शहीद भगत सिंह मेमोरियल का रख-रखाव: कैप्टन
चंडीगढ़। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सोमवार को खटकड़ कलां स्थित शहीद-ए-आज़म भगत सिंह मेमोरियल के रख-रखाव के लिए 50 लाख रुपये का एलान किया,  जहां वह शहीद के 113वीं जयंती पर उनके पैतृक गांव में श्रद्धा के फूल भेंट करने आए थे। भारतीय आजादी के संघर्ष में भगत सिंह और दूसरे शहीदों के बहुमूल्य योगदान को याद करते हुए कहा कि इन महान क्रांतिकारियों के उच्च विचारों को आत्मसात करना चाहिए।

 

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