
चंडीगढ़
व्यापारियों से रिश्वत ले ट्रक बिना चेकिंग करवाते थे सीमा पार
पंजाब विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, 5 अफसर सहित छह गिरफ्तार
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए आबकारी एवं कराधान विभाग के 12 उच्च अधिकारियों और चार व्यापारियों के खिलाफ मोहाली में दो मामले दर्ज किए। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के मुख्य डायरेक्टर-कम-एडीजीपी बीके उप्पल ने बताया कि राज्य के आबकारी एवं कराधान विभाग के कुछ अधिकारी व्यापारियों के साथ मिलीभगत कर टैक्स चोरी में उनकी मदद कर रहे थे। इस तरह वे व्यापारियों के साथ मिलकर सरकारी खजाने को चूना लगा रहे थे। वे उनके ट्रक बिना चेंकिंग सीमा पार करवाने में भी मदद करते थे।
उन्होंने बताया कि एक मुकदमे में आबकारी एवं कराधान विभाग के डीईटीसी सिमरन बराड़, वेद प्रकाश जाखड़ ईटीओ फाजिल्का, सत्तपाल मुल्तानी ईटीओ फरीदकोट, कालीचरन ईटीओ मोबाइल विंग शंभू, वरुण नागपाल ईटीओ मुक्तसर, रवीनंदन ईटीओ फाजिल्का, प्यारा सिंह ईटीओ मोगा और विजय कुमार पराशर निवासी आदर्श कालोनी खन्ना जिला लुधियाना शामिल हैं।
इसी तरह दूसरे केस में सुशील कुमार ईटीओ अमृतसर (अब पटियाला), दिनेश गौड़ ईटीओ अमृतसर, जप सिमरन सिंह ईटीओ अमृतसर, लखवीर सिंह ईटीओ मोबाइल विंग अमृतसर, राम कुमार इंस्पेक्टर, फगवाड़ा निवासी सोमनाथ, शिव कुमार और पवन कुमार शामिल हैं।
इन्हें किया गिरफ्तार
वरुण नागपाल, सत्तपाल मुल्तानी, कालीचरन, जपसिमरन सिंह, राम कुमार और शिव कुमार।
इन धाराओं के तहत मामला दर्ज
अधिकारियों और व्यापारियों के खिलाफ आबकारी कानून की धारा 7, 7ए और 8 के अलावा भादंसं की धाराओं 429, 465, 467, 471, 120बी के तहत विजिलेंस ब्यूरो के फ्लाइंग स्क्वॉड-1 थाना मोहाली में दो मामले दर्ज किए हैं।
जाली बिलों का खेल
बीके उप्पल ने बताया कि विजिलेंस को सूचना मिली थी कि साधू ट्रांसपोर्ट का मालिक सोमनाथ विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर टैक्स चोरी करता है। जांच में सामने आया कि पंजाब और इसके बाहर जाली बिलों से सामान ले जाने व लाने, उन गाड़ियों की चेकिंग न करने की एवज में लाखों रुपये की रिश्वत दी जा रही है। इस काम में सोमनाथ का मुंशी शिव कुमार और पवन कुमार शामिल हैं। पवन कुमार कुछ ईटीओ के साथ बतौर ड्राइवर भी काम कर चुका है।
ट्रकों में महंगी विदेशी सिगरेट लेकिन बिल कॉस्मेटिक के
उप्पल ने बताया कि सोमनाथ अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला और शंभू में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को हर महीने लाखों रुपये रिश्वत देता था। गाड़ी में कई बार महंगी विदेशी सिगरेट ले जाई जाती थीं लेकिन बिल कॉस्मेटिक के दिखाए जाते थे। ट्रकों को सीमा पार करवाते समय यह मोबाइल के जरिए एक-दूसरे पर संपर्क में रहते थे।
