
जम्मू
उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में सोमवार सुबह आतंकियों ने सुरक्षा बलों की नाका पार्टी पर हमला कर दिया। इसमें चार जवान शहीद हो गए। हमले के दो घंटे के भीतर सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-ताइबा के उत्तरी कश्मीर प्रमुख सज्जाद अहमद मीर उर्फ हैदर उर्फ जाजा समेत दो हमलावरों को ढेर कर शहादत का बदला ले लिया। ऑपरेशन में सीआरपीएफ के दो सेना और पुलिस का एक-एक जवान शहीद हो गया। दो आतंकियों के मारे जाने के बाद जब सुरक्षा बलों की ओर से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था तो शाम को दोबारा मुठभेड़ शुरू हो गई। बताते हैं कि छिपे एक अन्य आतंकी ने सुरक्षा बलों पर गोलियां बरसानीं शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई।
सीआरपीएफ के आईजी (ऑपरेशंस) राजेश कुमार ने बताया कि सोमवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे जब क्रीरी इलाके के टिंडिम गांव के पास पुलिस और सीआरपीएफ के जवान रोजाना की तरह नाका लगा रहे थे तभी आतंकियों ने हमला कर दिया। जवानों को निशाना बनाकर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। इसमें सीआरपीएफ के दो और पुलिस का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तीनों ने दम तोड़ दिया। हमला होते ही सीआरपीएफ जवानों ने जवाबी कार्रवाई की। इसमें एक आतंकी गंभीर रूप से घायल हो गया। लेकिन वह मौके से भाग निकला।
घटना के बाद जब बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया तो खून के धब्बे पास के बगीचे में मिले। कुछ दूरी पर खून से सने कपड़े और खाने-पीने का समान भी बरामद हुआ। इस पर आतंकियों का पता लगाने के लिए डॉग स्क्वायड की मदद ली गई। तलाशी अभियान के दौरान ही आतंकियों से संपर्क हुआ और मुठभेड़ शुरू हो गई। इसमें लश्कर के दो आतंकियों को मार गिराने में सफलता मिली।
सूत्रों के अनुसार मारे गए एक आतंकी के पास से एक हथियार भी बरामद हुआ जो वह पुलिस कर्मी से हमले के दौरान लेकर फरार हुआ था। एक आतंकी की शिनाख्त पट्टन के अंदरगाम के अनायतुल्ला मीर जबकि दूसरे की शिनाख्त सोपोर के ब्रथ कलां के हैदर उर्फ जाजा के तौर पर हुई है।
हमले में ये हुए शहीद
शहीद सीआरपीएफ जवानों की शिनाख्त 119 बटालियन के खुर्शीद खान (ड्राइवर) और कांस्टेबल लवकुश शर्मा के रूप में हुई है। हमले में पुलिस का एसपीओ मुजफ्फर अली भी शहीद हुआ।
बगीचे से निकलकर तीन आतंकियों ने की गोलीबारी
आईजी विजय कुमार ने बताया कि चश्मदीदों के अनुसार घने बगीचे से तीन आतंकवादी आए थे और उन्होंने नाके पर अंधाधुंध गोलीबारी करनी शुरू कर दी। गोलीबारी में सीआरपीएफ के दो जवान और सेना और पुलिस का एक जवान शहीद हो गया।
हैदर का लंबा आपराधिक इतिहास, कई हत्याओं में रहा शामिल
पुलिस के अनुसार सज्जाद हैदर का 2016 से अपराध का लंबा इतिहास रहा है। वह इलाके में नागरिकों के साथ-साथ सुरक्षा बलों पर हमले के कई मामलों में शामिल रहा है। वह युवाओं की संगठन में भर्ती भी करता था। भाजपा नेता वसीम बारी व उसके परिवार के सदस्यों की हत्या में भी शामिल रहा था। सोपोर में सीआरपीएफ पार्टी पर हमला जिसमें एक जवान शहीद हो गया था व चार अन्य जवान घायल हुए थे।
इसके साथ ही सोपोर में टावर गार्ड ईद उल अमीन मीर उर्फ नजीर बुडू, बोमई के गुलाम मोहिउद्दीन शेख, हारवान के मुश्ताक अहमद मीर की हत्या में भी शामिल था। डंगरपोरा में फल कारोबारी हैदुल्लाह राथर के घर पर गोलाबारी की थी जिसमें तीन साल की बच्ची समेत परिवार के चार सदस्य घायल हो गए थे। गैर कश्मीरियों में भय का वातावरण पैदा करने के लिए नूरबाग बाईपास पर मजदूर मोहम्मद शफी आलम को गोली मारकर घायल कर दिया था। बंद को सफल बनाने के लिए ट्रांसपोर्टर में डर पैदा करने के लिए रेबान तथा वारपोरा में दो मारुति कार को आग लगा दी थी। अनायतुल्लाह पट्टन इलाके में लोगों को धमकाता था। साथ ही विदेशी आतंकियों को उत्तरी कश्मीर से मध्य व दक्षिणी कश्मीर ले जाता और ले आता था।
