
परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने गत सांय शिमला में परिवहन विभाग और रोप-वे एवं रैपिड ट्रांसपोर्ट प्रणाली विकास निगम के कार्यों की समीक्षा की। इस अवसर पर बिक्रम ठाकुर ने अधिकारियों को जन सेवाओं को सुगम, सरल, सहज और सुविधाजनक बनाने के निर्देश दिए।
परिवहन मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की स्वर्णिम हिमाचल की परिकल्पना को साकार करने के लिए परिवहन विभाग ने महत्वाकांक्षी कदम उठाए हैं। विभाग द्वारा प्रदान की जा रही जन सेवाओं को समयबद्ध और दक्ष बनाने के लिए आनलाइन किया गया है। लोगों को यातायात के सुगम एवं आरामदायक साधन उपलब्ध करवाने के लिए समर्पित प्रयास किए जा रहे हैं। इससे कार्यप्रणाली में परदर्शिता व तेजी आई है।
बिक्रम सिंह ने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा जन सेवाएं आनलाइन उपलब्ध करवाने के लिए ई-परिवहन व्यवस्था आरम्भ की जा रही है। इस व्यवस्था को पायलट आधार पर शिमला और धर्मशाला में आरम्भ कर दिया गया है। इसके तहत टोकन टैक्स, एस.आर.टी., अनापत्ति प्रमाण-पत्र, वाहन फिटनेस प्रमाण-पत्र, परमिट के लिए आवेदन, ड्राईविंग लाईसेंस सम्बन्धित सेवाएं, विशेष पंजीकरण मार्क इत्यादि सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
परिवहन मंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा जन सेवाओं को और सुदृढ़ करने के लिए आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल सुनिश्चित किया जा रहा है। विभाग द्वारा सभी सार्वजनिक परिवहन वाहनों में व्हीकल लोकेशन टैªकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) लगाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए निगरानी केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। किसी भी आपातकाल के दौरान एमरजेंसी बटन, वाहन की स्थिति और अन्य जरूरी डेटा निगरानी केन्द्र को पे्रषित करेगा। इससे महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए 10 करोड़ 40 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि वाहनों के स्वचालित निरीक्षण और प्रमाणीकरण के लिए बद्दी में आटोमेटिड इन्सपैक्शन एण्ड स्र्टीफिकेशन सेंटर खोला जाएगा। इसके लिए भारत सरकार द्वारा 16 करोड़ 50 लाख रुपये और राज्य सरकार द्वारा 3 करोड़ 65 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
बिक्रम सिंह ने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा वाहनों की जाॅंच के लिए राज्य में मोबाइल आटोमेटिड टैस्टिंग स्टेशन (एटीएस) भी खोले जाएंगे। हर एटीएस के लिए 6.5 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। परिवहन विभाग द्वारा पांवटा साहिब और काला अम्ब में पूर्णतः स्वचालित परिवहन बैरियर भी स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक बैरियर स्थापित करने के लिए लगभग 4 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।
परिवहन मंत्री ने अधिकारियों को विभाग द्वारा आनलाइन माध्यम से प्रदान की जा रही सेवाओं का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि लोग इनका लाभ उठा सकें। इससे उनके समय और धन की भी बचत होगी।
परिवहन मंत्री ने विभिन्न रोप-वे और जल परिवहन परियोजनाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को इन्हें समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर प्रधान सचिव परिवहन के.के. पंत, आयुक्त परिवहन कैप्टन जे.एम पठानिया, अतिरिक्त आयुक्त हेमिस नेगी, सीजीएम रैपिड ट्रांस्पोर्ट सिस्टम डिवजपमेंट काॅरपोरेशन अजय शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
