
चंडीगढ़

धान बीज घोटाले में विपक्ष के लगातार हमले झेल रही पंजाब सरकार ने आखिरकार इसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है। इसके साथ ही विजिलेंस ब्यूरो भी मामले की जांच अपने स्तर पर जारी रखेगा। लुधियाना के पुलिस कमिश्नर ने मामले की जांच के लिए डीसीपी (लॉ एंड ऑर्डर) अश्विनी कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है, जिसमें एडीसीपी स्पेशल ब्रांच जगप्रीत सिंह, एसीपी सिविल लाइंस जितेंद्र चोपड़ा और थाना डिवीजन पांच की एसएचओ ऋचा रानी को शामिल किया गया है।
इनके अलावा कृषि विभाग के एक अधिकारी को भी एसआईटी का सदस्य बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि नकली बीज के मामले में एक किसान ने डीसी प्रदीप अग्रवाल को लिखित शिकायत दी थी कि उसे पीआर 128 बीज 200 रुपये किलो के भाव से मिला है, जबकि इस बीज का भाव 70 रुपये किलो है। इस पर डीसी ने जिला कृषि अधिकारी को मामले की जांच के निर्देश दिए थे। जांच में भारी मात्रा में बीज और बिल बुक भी बरामद की गई। कृषि अधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर 11 मई को थाना डिवीजन नंबर पांच में फील्ड स्टोर के मालिक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था।
यह भी पढ़ें- शादी के लिए नई शर्त, प्रदेश से बाहर गई बरात तो दूल्हा-दुल्हन समेत बराती होंगे होम क्वारंटीन
बीज घोटाले की निष्पक्ष जांच के लिए टीम भेजे केंद्र: हरसिमरत
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से अपील की है कि वह अंतर राज्यीय बीज घोटाले की निष्पक्ष जांच के लिए एक केंद्रीय टीम को पंजाब भेजें। कृषि मंत्री को लिखे पत्र में हरसिमरत बादल ने कहा है कि पंजाब में बहुत बड़ा बीज घोटाला बेनकाब हुआ है, जो पड़ोसी राज्यों के किसानों की आजीविका को ठेस पहुंचाने के अलावा पूरे भारत के किसानों का भारी नुकसान कर सकता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस घोटाले का संबंध पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी लुधियाना के धान के बीजों पीआर-128 और पीआर-129 की प्राइवेट बिक्री से है।
