नहीं मिली अनुमति, पांच दूल्हों ने सड़क किनारे रचाई शादी

पठानकोट ( पंजाब)


लॉकडाउन के बीच दुनिया भर में अजीबोगरीब मामले सामने आ रहे हैं। एक अजीब किस्सा पंजाब और जम्मू-कश्मीर सीमा पर बुधवार देर शाम देखने को मिला। यहां पंजाब और हरियाणा से आए 5 दूल्हों को पूरा दिन लखनपुर नाके के पास सड़क पर बिताना पड़ा। उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं मिली। हालांकि देर शाम सड़क पर ही वरमाला समेत शादी की अन्य रस्में अदा कर दूल्हे-दुल्हनों को अपने घर ले गए। वहीं कुछ लोग इस पर चुटकियां लेते नजर आए तो कुछ ने प्रशासन को कोसा।

बुधवार को पंजाब के पठानकोट, अमृतसर, फगवाड़ा, तरनतारन और हरियाणा के पानीपत से फूलों से सजी कारें और सीमित बराती जम्मू-कश्मीर की सीमा पर पहुंचे। सुबह 5 से 7 बजे के बीच लखनपुर नाके पर 5 से 7 परिजनों के साथ पहुंचे दूल्हों को रोक कर आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई।दिनभर नाके पर अधिकारियों के सामने परिजन मिन्नतें करते रहे, लेकिन अधिकारियों ने प्रोटोकाल का हवाला देते हुए आगे जाने की अनुमति नहीं दी। आखिरकार किसी ने उन्हें यहीं (लखनपुर) में ही दुल्हनों को बुलाकर रस्में पूरा करने का मशविरा दिया। इसके बाद लखनपुर में सड़क किनारे देर रात तक पांचों दूल्हों ने दुल्हनों को वरमाला पहनाई और बारातियों के साथ दुल्हनों को विदा कराकर ले गए।

फगवाड़ा के रोहित की जम्मू की ज्योति से बुधवार को शादी तय थी। रोहित के पिता रणजीत सिंह के मुताबिक उनके पास गृह जिलाधिकारी की अनुमति थी। लेकिन उसके बावजूद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने उन्हें जम्मू जाने की इजाजत नहीं दी। उन्होंने बताया कि रोहित और ज्योति की शादी अप्रैल में तय थी लेकिन लॉकडाउन के चलते वह रद्द हुई और फिर मई में तारीख निकाली गई। दोबारा लॉकडाउन बढ़ा तो सादे ढंग से शादी रचाने की योजना बनी, उसे भी जम्मू प्रशासन ने पूरा नहीं होने दिया।

मुहूर्त के चलते मजबूरी थी इस साल शादी
पानीपत (हरियाणा) से जम्मू शादी करने जा रहे गौरव की रिश्ता भारती से तय था। गौरव के मुताबिक उन्होंने शादी लॉकडाउन में इसलिए नहीं टाली क्योंकि उनकी कुंडली के मुताबिक अगले एक साल तक शादी का उचित मुहूर्त नहीं था। वह जम्मू नहीं पहुंच पाए। इसके बाद गौरव के परिवार की अपील पर प्रशासन ने उनकी शादी कठुआ के एक होटल में करवाई।

अमृतसर से आए ऋषभ के परिवार ने बताया कि उन्हें जम्मू के प्रीतनगर जाना था लेकिन उन्हें लखनपुर से आगे नहीं जाने दिया गया। जिस पर वधु पक्ष को यहीं बुलाकर शादी कर ली। इसके अलावा तरसेम चंद तरनतारन से बरात लेकर आरएसपुरा जा रहे थे और पठानकोट समेत अन्य जिलों से भी आए दूल्हों ने भी लखनपुर में अपनी दुल्हन को वरमाला पहनाई।

 

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