

पहली बार डीजीपी के चयन के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है। यूपीएससी ने भेजे गए नामों की फाइल पर गृह विभाग से कुछ अतिरिक्त जानकारी मांगी है। इसमें सभी की विजिलेंस क्लीयरेंस समेत कुछ अन्य बिंदु शामिल हैं। गृह विभाग इन अतिरिक्त जानकारियों को एकत्रित कर यूजीसी की सारी शंकाओं को दूर करने में जुटा है।
कमियां दूर होने के बाद यूपीएससी इन नामों में से चयनित तीन नामों का पैनल बनाकर राज्य सरकार को भेजेगा और राज्य सरकार सिर्फ इन्हीं तीन नामों में से एक को डीजीपी नियुक्त कर सकेगा। सुप्रीम कोर्ट ने प्रकाश सिंह बनाम सरकार के मामले में निर्देश दिए थे कि डीजीपी की नियुक्ति दो साल के लिए होगी। साथ ही यूपीएससी ही अब नए डीजीपी के लिए नामों का पैनल तय करेगा और उन्हीं नामों से एक को सरकार डीजीपी लगा सकेगी।
हिमाचल में यह प्रक्रिया पहली बार अपनाई जा रही है, ऐेसे में यूपीएससी से कई प्रकार की आपत्तियां लगाकर जानकारियां मांगी जा रही है। माना जा रहा है कि अगले पंद्रह दिन में सरकार सभी आपत्तियां दूर कर सारी जानकारी यूपीएससी को मुहैया करा देगी। जिसके बाद यूपीएससी उसपर मंथन कर पैनल सरकार को भेज देगा।
