

सार
15वें वित्तायोग ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में हिमाचल में प्राकृतिक आपदा राहत राशि बढ़ा दी है। अभी इसे तय से 167 करोड़ रुपये बढ़ाया गया है।
विस्तार
15वें वित्तायोग ने सिफारिश कर 167 करोड़ की राशि बढ़ाई है। चालू वित्तीय वर्ष में यह राशि 287 करोड़ तक थी, लेकिन भूस्खलन रोकने को राशि देने की व्यवस्था नहीं थी। ऐसी स्थिति में अगर भूस्खलन की स्थिति पैदा होती थी तो इसे रोकने के लिए धनराशि नहीं मिलती थी। हिमाचल प्राकृतिक आपदा के दृष्टिगत अति संवेदनशील रहा है।
राज्य में अभी तक हुई प्राकृतिक आपदा की घटनाओं को देखते हुए 15वें वित्तायोग को हिमाचल के लिए धनराशि में वृद्धि करने की सिफारिश की है। प्रदेश में भूकंप, बाढ़, बादल फटने, हिमस्खलन, जैसी घटनाएं हर साल होती हैं। सूत्रों के अनुसार इन आपदाओं को देखते हुए 15वें वित्तायोग ने हिमाचल को 454 करोड़ की राशि देने की सिफारिश की है। पहली बार बीस फीसदी राशि भू स्खलन को रोकने के लिए मिलेगी। बताते हैं कि इससे पहले भू स्खलन को रोकने के लिए अलग से राशि की व्यवस्था नहीं होती थी। अब भूस्खलन को रोकने के लिए पहले ही कारगर कदम उठाए जा सकेंगे।
