

स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि सर्दियों के मौसम में खांसी जुकाम, नाक का बहना और शरीर में दर्द जैसे बीमारी को लेकर लोगों को डॉक्टरों की सलाह लेनी चाहिए। गंभीर बीमारी को लेकर समय समय पर अस्पताल प्रशासन को अलर्ट किया जाता है।
आईसोलेशन वार्ड में दाखिल कर दिए मेडिसिन मरीज

यहां पाया गया कि वार्ड में करीब तीन से चार महिला मरीज दाखिल हैं। चिकित्सक मरीजों को उपचार दे रहे हैं जबकि नियमों के मुताबिक इस वार्ड को सिर्फ कोरोना वायरस की चपेट में आए मरीजों के लिए ही सिर्फ इंतजाम होने चाहिए। हालांकि इस वार्ड के साथ आईसीयू में वेंटिलेटर की सुविधा है, जहां तीन वेंटिलेटर के अलावा इधर से उधर आवाजाही करने वाला एक वेंटिलेटर है। चंडीगढ़ के मोहाली में भी संदिग्ध मरीज के सामने आने के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। ऐसे में अगर बाहरी देशों से आया मरीज हिमाचल में पाया जाता है तो अस्पताल प्रबंधन के अधूरे इंतजाम के कारण बाकी के मरीजों की समस्या बढ़ सकती है।
बीमारी का पता लगते ही करेंगे दाखिल
आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनकराज ने बताया कि अगर बाहरी देश से हिमाचल आए किसी मरीज में यह वायरस पाया जाता है तो जांच के बाद तुरंत उसे आईसोलेशन वार्ड में दाखिल किया जाएगा। कहा कि अगर ऐसा मरीज नहीं आता है तो बाकी के मरीजों को सामान्य तौर पर यहां पर रूटीन की तरह उपचार दिया जाएगा।
