कश्मीर को लेकर भारतीय प्रेस परिषद के सुप्रीम कोर्ट जाने पर सदस्यों ने जताई आपत्ति, आज संयुक्त बैठक

नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट – फोटो : सोशल मीडिया
जम्मू कश्मीर में संचार सुविधा पर लगी पाबंदियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मामले में हस्तक्षेप संबंधी भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) के कदम पर पीसीआई के कुछ सदस्यों की ओर से कड़ी आपत्ति जताई गई है। साथ ही इसको लेकर मीडिया संस्थाओं की ओर से तीखी प्रतिक्रिया की गई है।

सदस्यों के एक समूह ने पीसीआई के कदम पर सवाल उठाते हुए कहा कि पीसीआई के अध्यक्ष एवं सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश सी के प्रसाद के कदम से पहले या बाद में उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया।

इंडियन वूमेंस प्रेस कोर और प्रेस एसोसिएशन जैसे मीडिया संस्थाओं ने पीसीआई के सुप्रीम कोर्ट जाने के कदम को एकपक्षीय कदम बताया।

इंडियन वूमेंस प्रेस कोर (आईडब्ल्यूपीसी) ने एक बयान में कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट में कश्मीर टाइम्स की कार्यकारी संपादक अनुराधा भसीन की रिट याचिका में पीसीआई द्वारा हस्तक्षेप की अनुमति मांगने के पीसीआई अध्यक्ष न्यायमूर्ति सी के प्रसाद की एकतरफा कार्रवाई की निंदा करता है।

आईडब्ल्यूपीसी ने बयान में कहा कि न्यायमूर्ति प्रसाद ने ऐसा कदम उठाने से पहले पीसीआई के अन्य सदस्यों को विश्वास में नहीं लिया और न ही चर्चा की।

प्रेस काउंसिल सदस्य जयशंकर गुप्ता ने पीटीआई से कहा, ‘मुख्य मुद्दा यह है कि आवेदन दायर करना पीसीआई का विचारित रुख नहीं है। अर्जी दायर करने से पहले पीसीआई को विश्वास में नहीं लिया गया। अध्यक्ष का कहना है कि यह तात्कालिक विषय था, इसलिए ऐसा किया गया। लेकिन समस्या यह है कि 22 अगस्त को एक बैठक हुई थी, लेकिन उसे वहां नहीं लाया गया।’

कश्मीर में मीडिया परिदृश्य पर चर्चा के लिए मंगलवार को आईडब्ल्यूपीसी, प्रेस एसोसिएशन और प्रेस क्लब ऑफ इंडिया जैसे मीडिया निकायों की एक संयुक्त बैठक होगी।

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