

सूत्रों के अनुसार, आधा दर्जन नए चेहरों का मंत्रिमंडल में शामिल होना तय माना जा रहा है और करीब इतने ही मंत्री प्रमोट होंगे।
शनिवार को मुख्यमंत्री योगी उपचुनाव को लेकर भाजपा मुख्यालय पर बुलाई गई बैठक के बाद शाम को राज्यपाल से मिलने पहुंचे। दोनों लोगों के बीच एकांत में बातचीत हुई। इसी के बाद अटकलें तेजी पकड़ गईं लेकिन राजभवन के सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री की ओर से अभी कोई इशारा नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री के कुछ भरोसेमंद अधिकारियों की भी मानें तो अभी उनसे भी ऐसा कुछ नहीं कहा गया है।
अलबत्ता मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के चलते विधायकों ने दौड़भाग तेज कर दी है। हर विधायक संघ से लेकर भाजपा तक में अपने संपर्क सूत्रों के जरिये मंत्रिमंडल में जगह पाने की कोशिश में जुट गया है।
सात-आठ मंत्रियों के प्रदर्शन से मुख्यमंत्री खुद खुश नहीं
इस नाते यह तय है कि इनकी छुट्टी की जा सकती है। साथ ही विधानसभा चुनाव 2022 के मद्देनजर क्षेत्रीय और जातीय संतुलन ठीक करने के लिए भी मंत्रिमंडल विस्तार जरूरी हो गया है।
