

रोहड़ू सब्जी मंडी में सेब की बिक्री में गोरखधंधा चला हुआ है और एपीएमसी एक्ट 2005 की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं। पिछले दिनों बागवानों ने एकजुट होकर मंडियों में आढ़तियों की मनमानी के खिलाफ आवाज बुलंद की थी।
इसके बाद एसडीएम हरकत में आए और बागवानों से लूट रोकने के लिए फरमान भी जारी किए थे। इसके साथ ही एपीएमसी अध्यक्ष नरेश चौहान भी मंडियों का दौरा करके एक्ट का सख्ती से पालन करने को कहा था।
इन फरमानों में कुछ ही दिन बाद मंडियों में फिर से बागवानों को आर्थिक शोषण होने लगा है। रोहड़ू मंडी में न तो प्रशासन का कोई डर है और न ही एपीएमसी एक्ट सही तरीके से लागू हो रहा है।
सेब की बोली पहले तौलिये के नीचे हाथ रखकर लगाई जा रही थीं और अब रोहड़ू मंडी में गत्ते के नीचे हाथ रखकर सेब की बोलियां बेखौफ लगाई जा रही हैं। सवाल यह है कि इन बेलगाम आढ़तियों पर प्रशासन और मंडी समिति नकेल कसने में लाचार क्यों है।
व्यवस्था नहीं सुधारी तो फिर सड़कों में उतरना पड़ेगा: चौहान
एपीएमसी अध्यक्ष नरेश शर्मा कहते हैं कि तौलिये या गत्ते के नीचे हाथ रखकर सेब की बोली लगाना अवैध है। पराला मंडी में एक आढ़ती को 25 हजार जुर्माना किया गया है। अगर किसी अन्य मंडी में भी गलत तरीके से सेब की बोली लगाई जा रही है तो एपीएमसी उन पर कार्रवाई करेगी।
