
शिमला: हिमाचल प्रदेश भाजपा प्रभारी एवं राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा है कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर पूर्व मनमोहन सिंह सरकार के समय भ्रष्टाचार का मामला बना है। उन्होंने कहा कि उस समय बने इस मामले पर सीबीआई ने संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि यह मामला पूर्व सरकार के समय ही दिल्ली हाईकोर्ट में गया। उन्होंने कहा कि आज जब भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई हो रही है तो प्रदेश सरकार की बौखलाहट चरमसीमा पर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश और प्रदेश में खोखली हो चुकी है। इसके विपरीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जनहित में काम कर रही है।
श्रीकांत शर्मा अपने 3 दिवसीय प्रदेश प्रवास के दौरान बुधवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में 17 साल नेहरू, 15 साल इंदिरा और 4 साल राजीव गांधी ने सरकार चलाई। इसके बाद डा. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में जो सरकार 10 साल चली, उसका संचालन सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता मोदी सरकार को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से पंचायती राज व नगर परिषद चुनावों में पूरी ताकत के साथ एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनता का प्रदेश सरकार से मोह भंग हो चुका है।
केंद्र ने मनरेगा को दिए 700 करोड़
श्रीकांत शर्मा ने कहा कि मनरेगा में मोदी सरकार ने वर्ष 2014-15 की तुलना में 700 करोड़ रुपए अधिक धनराशि दी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने 14वें वित्तायोग की सभी सिफ ारिशों को स्वीकार करते हुए पूर्व की तुलना में ग्रामीण विकास के लिए अधिक धन उपलब्ध करवाया है। उन्होंने कहा कि 14वें वित्तायोग के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के बजट में लगभग 150 प्रतिशत बढ़ौतरी करके 40,625 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। केन्द्रीय सहायता से चल रही अन्य योजनाओं को भी इसमें मिला लिया जाए तो अगले 5 वर्षों में हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए 85 हजार करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि केन्द्र से हिमाचल प्रदेश को मिलेगी।
