पानी के रिसाब से रोहतांग टनल को खतरा बरकरार

मनाली
water leakage created problem in Rohtang Tunnel
बीआरओ के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल आरएम मित्तल ने बीआरओ रोहतांग प्रोजेक्ट, स्मैक, स्ट्रॉवेग और एफॅकान कंपनी के अधिकारियों के साथ रोहतांग सुरंग के साउथ पोर्टल का दौरा किया। उन्होंने चीफ इंजीनियर ब्रिगेडियर मनोज के साथ सेरी नाले के कारण सुरंग में हो रहे पानी के रिसाव को लेकर भी चर्चा की। ब्रिगेडियर मनोज ने डीजी को बताया कि पानी के रिसाव से होने वाली दिक्कत का सफर अब मात्र 15 मीटर ही रह गया है।

सेरी नाले को पार करते ही टनल की खुदाई का कार्य सुचारु रूप से चल पड़ेगा। बीआरओ रोहतांग सुरंग के डायरेक्टर वरिष्ठ इंजीनियर आरएस राव ने डीजी को बताया कि वह इस साल नॉर्थ पोर्टल लाहौल की तरफ ज्यादा से ज्यादा समय तक काम करना चाहते हैं, जिससे उस ओर से सुरंग निर्माण को गति दी जा सके। राव ने बताया कि मौसम ने साथ दिया तो उनका प्लान लाहौल की ओर दिसंबर तक सुरंग कार्य को अंजाम देने का है। रोहतांग सुरंग के डिजाइनिंग का कार्यभार देख रही स्मैक कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर माइकल केस्टनर और सहायक प्रोजेक्ट मैनेजर राजेश अरोड़ा ने भी सुरंग को लेकर किए गए डिजाइन के बारे में डीजी के साथ चर्चा की।

एफकॉन और स्ट्रावेग कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर सुनील त्यागी ने कहा कि कंपनी रोहतांग सुरंग निर्माण कार्य को गति देने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सेरी नाले के पानी के रिसाव के कारण उनकी दिक्कतें बढ़ी हैं। बीआरओ डीजी लेफ्टिनेंट जनरल आरएम मित्तल ने सुरंग में जाकर सेरी नाले की स्थिति का जायजा लेने के बाद कहा कि बीआरओ 2017 तक सुरंग के दोनों छोरों को जोड़ने का प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि सुरंग के दोनों छोर जुड़ जाने के बाद बीआरओ सर्दियों में भी लाहौल की ओर काम को गति दे सकेगा। इस दौरान बीआरओ डीजी ने 38 बीआरटीएफ के अधिकारियों के साथ चर्चा कर मनाली-लेह मार्ग में चल रहे कार्यों की जानकारी ली।

Related posts