
120 पटवार सर्कलों में लटके ताले
मंडी। संयुक्त पटवार एवं कानूनगो महासंघ के बैनर तले मांगों को लेकर जिला भर के पटवारी संघर्ष कर रहे हैं। जिससे पटवार सर्कलों में राजस्व संबंधित कार्य ठप पड़ा है। अतिरिक्त कार्यभार वाले पटवार सर्कलों में ताले लटकने शुरू हो गए हैं। सुंदरनगर, करसोग और निहरी तहसील के तहत अतिरिक्त कार्यभार देख रहे पटवारियों ने चाबियां तहसील कार्यालय को सौंप दी हैं। जिला मंडी में कुल 440 पटवार सर्कल हैं। जिसमें 120 सर्किलों में पटवारी का पद खाली है।
संयुक्त पटवार एवं कानूनगो महासंघ जिला मंडी की संघर्ष समिति के अध्यक्ष दीनानाथ शर्मा ने कहा कि अनुबंध पर कार्यरत पटवारी तीन-तीन पटवार सर्कलों का काम देख रहा है और इसकी एवज में उसे मात्र 7800 रुपये मासिक मिल रहे हैं। पटवार सर्कलों में बिजली और पानी के बिल भी पटवारियों को अपनी जेब से भरने पड़ रहे हैं। जिला मंडी में 440 पटवार सर्कलों में 120 खाली पड़े हैं। जिन्हें अतिरिक्त कार्यभार सौंप चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार और विभाग ने पटवारियों को तकनीकी घोषित नहीं किया गया। वहीं कनिष्ठ अभियंता के समान ही पटवारी भी फील्ड में काम कर रहा है। अतिरिक्त कार्यभार सौंपने से काम के बोझ के चलते पटवारी भी मानसिक रूप से परेशान हैं। तीन अगस्त तक जिला मंडी में अतिरिक्त कार्यभार वाले सभी पटवार सर्कलों की चॉबी तहसील कार्यालय में जमा करवाई जाएगी। अगर 15 अगस्त तक सरकार ने मांगें नहीं मानी तो पटवारियों को मजबूरन सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करना पड़ेगा।
अध्यक्ष दीनानाथ ने बताया कि जिला संघर्ष समिति का विस्तार किया गया। जिसमें निहरी से हंस राज, लडभड़ोल से गौतम वर्मा, जोगिंद्रनगर से संजय शर्मा, अश्विनी शर्मा, उपायुक्त कार्यालय से शालिनी शर्मा, अंजना शर्मा, गिरिजा, सतविंद्र कौर, सावित्री देवी, नरेंद्रा, प्रोर्मिला देवी, स्नेहलता, गोहर से निर्मला, हरदेव सिंह, प्रेम सिंह, कृष्ण चंद, सदर से संजय पठानिया, मोर ध्वज शर्मा, बल्ह से जय चंद, बंशी लाल, केहर सिंह, धर्मपुर से ज्ञान चंद, करसोग से मोती लाल, राम कृष्ण, निहरी से मेहर सिंह, बालीचौकी से राजेंद्र पुरी, टिहरा से बीरबल राणा, कोटली से सुभाष चंद, सरकाघाट से ललित कुमार, इंद्र पाल, सुंदरनगर से होशियार सिंह, हरि सिंह, चिंत राम, औट से शांति लाल, ठाकर दास, थुनाग से दुर्गा सिंह राणा, सतीश चंद भाटिया, खेम सिंह, रोशन लाल को सदस्य बनाया गया। उन्होंने बताया कि तीन अगस्त से पहले तहसील और उप तहसीलों में संघर्ष समितियों का गठन किया जाएगा।
