
बिलासपुर। मत्स्य आखेट से प्रतिबंध हटने के बाद कई परिवारों को बेहतर रोजगार शुरू हो गया है। मछुआरे मत्स्य आखेट से प्रतिबंध खत्म होने के बाद गोबिंदसागर झील में आसानी से मछली शिकार कर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं।
मत्स्य विभाग बिलासपुर ने पहले दिन गोबिंदसागर झील में 357.8 क्व्ंिाटलमछली पकड़ी गई है। इसमें 25 फीसदी मछली एक ग्रेड की है। रोहू, कतला और सीगांढ़ा हैं। 75 फीसदी मछली बी- ग्रेड है। सिल्वर कॉर्प, ग्रार्स कॉर्प, मृगल प्रजातियां शामिल हैं। पहले ही मत्स्य विभाग ने दो गाड़ियां दिल्ली भेजी हैं। हिमाचल के अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली भी सप्लाई जाएगी। पिछले साल पहले दिन 663 क्विंटल यानी करीब 66 टन मछली पकड़ी गई थी। विभागीय अधिकारियों की मानें तो इस बार मछुआरों को लंबे समय पर व्यापार सुविधा मुहैया करवाने के उद्देश्य से विभाग ने कम जाल लगाए थे। इसका लाभ मछुआरों को मिल सके।
मत्स्य अधिकारी श्याम लाल शर्मा ने कहा कि पहले दिन 357.8 क्विंटल मछली पकड़ी गई है। इस बार कम जाल लगाए गए हैं। लंबे समय को मछुआरों को व्यापार के लिए मिल सके। दो गाड़ियां दिल्ली के लिए भेजी गई हैं।
