

हालांकि, विवि के कुलपति सहित तमाम अधिकारी इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं, मगर उनकी चुप्पी से साफ है कि फीस बढ़ेगी। कितनी बढ़ेगी, इस पर एचपीयू वेट एंड वाच की स्थिति बनाए हुए है। विवि प्रशासन छात्रों के विरोध की हद का अंदाजा लगाने के बाद ही दरों को लेकर स्थिति साफ करेगा।
एसएफआई और एबीवीपी ने शिमला सहित दर्जनों कॉलेजों और विवि में प्रदर्शन किया। इस पर आगामी रणनीति भी बनाई जा रही है। एनएसयूआई ने भी इस फैसले के विरोध में बैठकें कीं।
एसएफआई का 55 कॉलेजों में प्रदर्श

एचपीयू में रैली और प्रदर्शन किया गया। फीस बढ़ोतरी और सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ आने वाले समय में पूर्ण शिक्षा बंद किया जाएगा और आंदोलन को उग्र बनाया जाएगा।
उन्होंने ईसी को विवि और छात्र व शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के फैसले लेने के बजाया प्रदेश की सत्तासीन सरकारों के एजेंडे को लागू करने वाली संस्था बनने का आरोप लगाया
विश्वविद्यालय में कुल सचिव का घेराव किया गया। आने वाले समय में आंदोलन और उग्र कर आठ अगस्त को विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
राज्यपाल, शिक्षा सचिव, शिक्षा निदेशक के समक्ष मामला उठाकर दोनों फैसलों को वापस लेने की मांग की जाएगी। शुक्रवार को कॉलेजों में मानव शृंखला बनाकर विरोध जताया जाएगा।
एनएसयूआई ने भी किया प्रदर्शन

शुक्रवार को प्रदेश भर में धरने प्रदर्शन होंगे। वीरवार को विश्वविद्यालय इकाई ने फैसला वापस लेने की मांग को लेकर कुलपति से मुलाकात की और चेताया कि यदि फैसला न बदला तो आने वाले समय में प्रदेश भर में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

