

नीचे मंजर दिल दहला देने वाला था। केवल तीन-चार यात्री ही थे जो कराहकर अपने जिंदा होने का सुबूत दे रहे थे। बाकी यात्री सदमे और चोट से दम तोड़ चुके थे। समय-3.30 बजे, खबर मिलते ही आसपास के गांवों से लोग भागते दौड़ते दुर्घटनास्थल पर पहुंचे।
सड़क से देखने पर दूर-दूर तक बस का नामोनिशान नहीं था। पूरी घाटी धुंध की आगोश में थी। हल्की बारिश के बीच स्थानीय लोगों ने दुर्घटनाग्रस्त बस से घायलों को निकालने के लिए खाई में उतरना शुरू किया।
खाई में हर तरफ बिखरे पड़े थे शव

खाई में तो लाखें बिखरी पड़ी थीं। बस के नीचे भी तीन लाशें फंसी हुई थीं। चीख पुकार से पूरा कढ़ारघाट गूंज उठा। समय- 4:30 बजे, दुर्घटना स्थल पर एचआरटीसी के अधिकारी, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पहुंचे।
रेस्क्यू टीम के खाई में उतरने के बाद सबसे पहले पांच लाशें सड़क तक पहुंचाई गईं। एचआरटीसी के कंडक्टर का क्षतविक्षत शव भी इसमें शामिल था। समय 5:00 बजे, दो घायलों को सड़क तक पहुंचाया गया। एक निजी गाड़ी में घायलों को सुन्नी अस्पताल की ओर रवाना कर दिया गया।
बारिश ने बचाव कार्य में डाला खलल
कौन दे पत्नी-बेटे की मौत की खबर

यहां करीब 8 बजे बेटी के घायल अवस्था में पहुंचते ही दीप प्रकाश का सब्र का बांध टूट पड़ा और वह फफक-फफक रो पड़ा। हादसे में लहुलुहान हुई अपनी मासूम बेटी को वह देख भी नहीं पा रहा था।
किसी तरह हिम्मत जुटा कर वह एंबुलेंस के पास पहुंचा और बेटी से लिपट गया। इसी बस में उसकी पत्नी और सात वर्षीय बेटा भी सवार था। दोनों की हादसे में मौत हो चुकी थी। दुखद समाचार की कइयों को जानकारी थी पर कोई बताने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।

बारिश के कारण खाई में उतरने वाला अस्थायी रास्ता कीचड़ में तबदील हो गया। समय 7:00 बजे, सड़क में लोगों का तांता लगा हुआ था। खाई से जैसे जैसे शव सड़क में पहुंच रहे थे सड़क में खड़े लोगों के दिलों की धड़कने तेज हो रही थीं। सड़क किनारे शवों का ढेर लग चुका था।
करीब 15 शव सड़क तक पहुंचाए जा सके थे। समय 7:30 बजे, अंधेरे के कारण राहत कार्य में दिक्कत पेश आ रही थी। बसों के नीचे अभी भी शव फंसे थे। कड़ी मशक्कत के बाद दो महिलाओं के शव निकाले। जैसे-जैसे अंधेरा हुआ सन्नाटा बढ़ने लगा, लेकिन अपनों को खोने वालों की रोना जारी था।
बस के नीचे टुकड़ों में मिला शव

बताया जा रहा है हादसा इतना भयानक था कि परिचालक का शव कई टुकड़ों में बिखरा हुआ मिला। इसके बाद मौके पर पहुंचे दूसरी बस के चालक गुरु देव शर्मा को कंडक्टर गीताराम का क्षत विक्षत शव मिला। वे उसे गोद में उठाकर सड़क तक ले आए।
उधर, बस दुर्घटना में कंडक्टर गीताराम की मौत पर एचआरटीसी परिचालक यूनियन के प्रधान कुलदीप कुमरा ने गहरा दुख जताया है। कुमरा ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।
