

नई दिल्लीः सहारा सुब्रत राय की जमानत याचिका एक बार फिर खारिज कर दी गई है। सुब्रत राय 4 मार्च से तिहाड़ में बंद हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सहारा की तरफ से पैसे जमा कराने के लिए कोई प्रॉपर्टी बेचने की बात कही गई थी लेकिन कोई पहल दिखाई नहीं दे रही है।
सहारा की ओर से दलील दी गई है कि प्रॉपर्टी की जितनी कीमत लगाई गई है वो उससे कम में उसे बेचने को तैयार नहीं है। सुब्रत राय को 40000 करोड़ रुपए सेबी को जमा कराना है। सहारा अब तक 3000 करोड़ रुपए ही जमा करवा पाया है।
सहारा पर फर्जी तरीके से दो रिहायशी स्कीम के जरिए निवेशकों से पैसा उठाने का आरोप है। इस केस में सुब्रत राय 4 मार्च से दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद हैं। कोर्ट ने पहले यह शर्त रखी थी कि अगर दस हजार करोड़ रुपए में से पांच हजार करोड़ रुपए की बैंक गारंटी और पांच हजार करोड़ रुपए नकद जमा करा दिया जाए तो सुब्रत राय को जमानत पर छोड़ दिया जाएगा।
सहारा समूह ने कोर्ट से अपील की है कि राय को रिहा किया जाए ताकि वह कोर्ट के आदेश पर अमल करने के इरादे से धन की व्यवस्था के लिए लोगों से बातचीत कर सके। समूह ने पिछले साल 21 नवंबर से उसके बैंकों के खातों पर लगी रोक भी खत्म करने का अनुरोध किया है।
