
मनाली। राष्ट्रीय विंटर कार्निवाल कई चेहरों को खूबसूरत पहचान दे चुका है। कार्निवाल में होने वाली शरद सुंदरी स्पर्धा में भाग लेकर कई सुंदरियां अब तक बालीवुड में नाम कमा चुकी हैं। विंटर कार्निवाल की शुरुआत 1976 में हुई थी।
इसके कुछ साल बाद मनाली की नीना महंत के सिर सजा विंटर क्वीन का ताज सजा था। 1994 में मुंबई की सुनीता-पी विंटर क्वीन बनी थी। उन्होंने छोटे परदे पर कदम रखा। धारावाहिक एहसास में मुख्य नायिका का किरदार अदा किया और फिल्म ताल और कहो न प्यार है से सिनेमा जगत में नाम कमाया। वे आज भी धारावाहिकों में किरदार निभा रहीं हैं। वर्ष 1996 में लाला लाजपतराय कालेज मुंबई कि जासमिन मौजिद ने विंटर क्वीन का खिताब जीता। इसके बाद उन्होंने मिस नेवी तथा मिस मुंबई और मिसेज बर्ड का रनर अप के खिताब जीते। 2006 में शिमला की वैशाली शरद सुंदरी बनी। वे कई पंजाबी फिल्मों में नायिका की भूमिका निभा चुकी हैं। वर्ष 2007 में जीती देहरादून की एन्नी थापा ने डांस इंडिया डांस प्रतियोगिता में नार्थ इंडिया की ओर से भाग लिया और विजेता बनीं। आज भी वे छोटे परदे पर काम कर रही हैं। 37 वर्षों के बाद भी विंटर क्वीन प्रतियोगिता लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। विंटर क्वीन स्पर्धा कार्निवाल का मुख्य आकर्षण है।
