
कमेटिया भंग करने को लेकर कांग्रेस में घमासान

जो जीत का सेहरा बांधते हैं, उन्हें हार की जिम्मेदारी भी लेनी होगी
दोनों नेताओं का कहना है कि हार का ठिकरा आम कार्यकर्ताओं पर फोड़ना सही नहीं है। पूरे मामले में अब सुक्खविंद्र सिंह सुक्खू अकेले पड़ते जा रहे हैं। एपीडा के निदेशक कुलदीप सिंह राठौर ने शिमला में पत्रकार वार्ता में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की इस कार्रवाई को गलत ठहराते हुए सभी कमेटियों को बहाल करने को कहा।
उन्होंने लोकसभा चुनाव में हुई करारी हार के लिए सरकार और संगठन के सभी नेताओं को जिम्मेवार ठहराया। उन्होंने कहा कि जो जीत का सेहरा बांधते हैं, उन्हें हार की जिम्मेवारी भी लेनी चाहिए।
कमेटिया भंग करने को लेकर कांग्रेस में घमासान

जिन्होंने प्रदेश में सत्ता दिलवाई उन पर ही कार्रवाई क्यों !
विपक्ष में रहते कई कांग्रेस कार्यकर्ता जेल गए। सत्ता में आने पर सरकार और संगठन में उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। चुनाव में नवनियुक्त युवा सचिवों को कोई जिम्मेवारी नहीं दी गई। उन्होंने सुक्खू की इस कार्रवाई पर विप्लव ठाकुर और आशा कुमारी के विरोध का भी स्वागत किया।
कमेटिया भंग करने को लेकर कांग्रेस में घमासान

अनिता ने भी सुक्खू के खिलाफ खोला मोर्चा
वह सोमवार को वन विश्राम गृह टौणी देवी में मीडिया से रूबरू हुईं। उन्होंने कहा हिमाचल में देश के अन्य भागों की तरह मोदी फैक्टर के कारण कांग्रेस की हार हुई है। मोदी चुनाव से पहले ही लोगों के दिल में आ गए थे।
हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र, सुजानपुर विस उपचुनाव के टिकट वितरण को लेकर तल्खी दिखी। लोकसभा चुनाव में हर बार बाहरी व्यक्ति को टिकट देने से कार्यकर्ता आहत हो रहे हैं। इसी वजह से चुनाव में कांग्रेस के कार्यकर्ता कम निकले।
