मंडी हादसाः सरकार ने लिया सबक, ऐसे अलर्ट होंगे सैलानी

 

प्रदेश में दाखिल होते ही मैसेज करेगा अलर्ट

प्रदेश में दाखिल होते ही मैसेज करेगा अलर्ट

लारजी हादसे के बाद प्रदेश सरकार ने सबक लेते हुए देश विदेश से आने वाले सैलानियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करते ही पर्यटकों के मोबाइल पर अलर्ट की सूचना आ जाएगी।

मैसैज के माध्यम से उन्हें सुझाव दिया जाएगा कि कृपया आप नदी और नालों के किनारे न जाएं। नदी और नालों से कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

इस संबंध में ऊर्जा महकमे के अफसरों की सभी मोबाइल कंपनियों से वार्ता चल रही है, जिससे इस सुविधा को मुहैया करवाया जा सके। मंडी जिले के लारजी हादसे के बाद हिमाचल प्रदेश में अव्यवस्थाओं की चर्चा है।

मंडी हादसे का असर पर्यटन कारोबार पर

मंडी हादसे का असर पर्यटन कारोबार पर

मंडी हादसे का असर पर्यटन कारोबार पर भी पड़ने की आशंका है। इसी को ध्यान में रखकर प्रदेश सरकार ने सूबे में आने वाले पर पर्यटकों के मोबाइल पर नदी, नालों के किनारे न जाने और अन्य खतरों को लेकर अलर्ट जारी करने का निर्णय लिया है। इसका मकसद सैलानियों को नदियों से होने वाले खतरों के प्रति सचेत करना है, जिससे कोई भी पर्यटक नदी के बीच जाकर फोटोग्राफी या अन्य इस तरह की गतिविधियां करके खुद की जान खतरे में न डाले।

प्रदेश की नदियों में 112 छोटी-बड़ी बिजली परियोजनाएं बन चुकी हैं, जबकि सैकड़ों परियोजनाओं का काम चल रहा है। ऐसे में भविष्य में स्थितियां और भी गंभीर हो सकती हैं। लारजी हादसे की आगे पुनरावृत्ति न होने पाए, इसके मद्देनजर सरकार ने यह निर्णय लिया है। ऊर्जा निदेशालय के निदेशक आरडी नजीम ने बताया कि मोबाइल कंपनियों से वार्ता चल रही है। जल्द ही अलर्ट जारी कर व्यवस्था को हिमाचल में लागू कर दिया जाएगा।विद्युत बोर्ड ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट

विद्युत बोर्ड ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट

राज्य विद्युत बोर्ड ने लारजी हादसे की आंतरिक रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंप दी है। बोर्ड के प्रबंधन निदेशक पीसी नेगी की ओर से यह रिपोर्ट प्रधान सचिव ऊर्जा एसकेबीएस नेगी को सौंपी गई है।

इस रिपोर्ट में बांध से पानी छोड़ने की घटना को रूटीन बताया गया है। उल्लेख किया गया है कि स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर के निर्देश पर यह पानी छोड़ा गया है। प्रधान सचिव ऊर्जा ने रिपोर्ट मिलने की पुष्टि की।

उल्लेखनीय है कि पूरे मामले में विद्युत बोर्ड को चारों तरफ से आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। यही वजह है कि सरकार को मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी थी।

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