
शिमला। राजधानी शिमला से छात्रा के अपहरण मामले की पुलिस की नाकामी के बाद अब सीबीआई जांच करेगी। पुलिस एक साल तक अंधेरे में तीर मारती रही और अनट्रेस रिपोर्ट बनाकर मामले को बंद कर दिया गया। पुलिस की जांच से असंतुष्ट छात्रा के पिता और भाई ने हाईकोर्ट के समक्ष सीबीआई जांच की मांग की थी। कोर्ट के आदेश की प्रति शिमला स्थित सीबीआई थाने में पहुंच चुकी है। अब सीबीआई कभी भी नई एफआईआर दर्ज कर सकती है।
साल भर पहले छात्रा एमए और जम्मू से बीएड करने के बाद यूनिवर्सिटी से प्राइवेट डिप्लोमा कर रही थी। छात्रा का अभी तक कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया है। इस छात्रा के अपहरण का आरोप शिमला के एक छात्र और बिलासपुर के युवक पर लगा था। दोनों के खिलाफ मार्च 2013 में छोटा शिमला थाने में हत्या के उद्देश्य से अपहरण का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने दोनों युवकों को गिरफ्तार भी किया। परिजनों ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने इस मामले में निष्पक्ष और गंभीर जांच नहीं की, जिसका नतीजा ये निकला की दोनों ही आरोपी कोर्ट से रिहा हो गए। सीबीआई के पास जांच के लिए मामला पहुंचने के बाद परिजनों को बेटी के मिलने और न्याय मिलने का आस जगी है।
