
चैलचौक (मंडी)। चैलचौक क्षेत्र के सैकड़ों उपभोक्ताओं को अब पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। चैलचौक के लिए स्वीकृत ढाई करोड़ की ज्यूणी खड्ड चैलचौक पेयजल योजना का काम अब अंतिम दौर में है। इसके लिए विभाग के ठेकेदारों को काम अवार्ड हो गए हैं और पाइप लाइन बिछाने का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। इस योजना के तहत वर्षों पुरानी ज्वाल-चैल पेयजल योजना का नेटवर्क भी सुधारा जाएगा। पेयजल उपभोक्ता तथा पेयजल कनेक्शन की बढ़ती संख्या के कारण यह योजना अब छोटी हो गई थी तथा लोगाें को बेहतर पेयजल आपूर्ति ठीक प्रकार से नहीं मिल रही थी।
पूर्व भाजपा कार्यकाल में सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री रविंद्र रवि और पूर्व मंत्री तथा विधायक दिले राम ने इस योजना की आधारशिला रखी थी। इसका निर्माण कार्य अब आरंभ हो चुका है। प्रथम चरण में कटलोग, कोहलु, चैलचौक, नौण और भदरोण गांव से भंडारण टैंकाें का निर्माण कार्य तथा डिस्ट्रिब्यूशन पाइप लाइनें बिछाई जा चुकी है। इस योजना के पूरी तरह तैयार हो जाने से चैलचौक, कोहलु, भग्यार, रिहाण, रड़ा, काथला, नैहरा, गणेश चौक, वणी, ओयरी, बाग, भदरौण, गदयाहड़ा और फंगोट गांव के सैकड़ों पेयजल उपभोक्ताओं को पानी की किल्लत का सामना गर्मियों के दिनों में नहीं करना पड़ेगा। ढाई करोड़ से बनने वाली इस योजना का अंतिम दौर का काम सिरे चढ़ाने के लिए विभाग पूरी तरह से जुट गया है।
स्थानीय निवासी कमल किशोर, धर्मपाल, कुलदीप, प्रेम सिंह, मस्त राम, भरत कुमार, मान सिंह, प्यारे लाल, रमेश, महेंद्र, घनश्याम गुप्ता, ललित कुमार, अमर सिंह, राम सिंह, कश्मीर सिंह, लुदरमणी, प्रकाश और चमन लाल ने विभाग से मांग की है कि ज्युणी खडड-चैल चौक पेयजल योजना का काम शीघ्र पूरा किया जाए।
पेयजल संकट से मिलेगा छुटकारा
विभाग के चैलचौक स्थित कनिष्ठ अभियंता मनी राम ने बताया कि ज्वाल-चैल पेयजल योजना के पहले चरण के काम में विभाग द्वारा ठेकेदारों के माध्यम से डिस्ट्रिब्युशन पाइप लाइन बिछाने का काम समाप्त हो गया है। योजना के सभी टेंडर अवार्ड हो चुके हैं तथा युद्ध स्तर पर काम जारी है। क्षेत्र के लोगों को अब पेयजल आपूर्ति की समस्या से शीघ्र ही छुटकारा मिलेगा।
