
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की सदर खंड इकाई ने 65-70-75 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले पेंशनरों को 5-10-15 प्रतिशत भत्ता देने के सरकारी फैसले का स्वागत करते हुए इसे पेंशन के मूल वेतन में जोड़ने की मांग की है। पेंशनरों ने बिलासपुर के विश्वकर्मा मंदिर में अहम बैठक आयोजित करते हुए विभिन्न मसलों पर चरचा की। बैठक में कहा गया कि एसोसिएशन का स्थापना दिवस जून में धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। इसके आयोजन पर चरचा के लिए 20 मई को महत्वपूर्ण बैठक रखी गई है।
एसोसिएशन के प्रधान दौलत राम चौहान की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सर्वप्रथम 15 मई को होने जा रहे एसोसिएशन के चुनावों पर विचार-विमर्श किया गया। जो भी पेंशनर इस चुनाव में भाग लेना चाहते हैं, वह अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं। पेंशनरों का कहना है कि सरकार ने 65-70-75 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले पेंशनरों को 5-10-15 प्रतिशत भत्ता देने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। इसका एसोसिएशन स्वागत करती है। यदि यह भत्ता पेंशन के मूल वेतन में शामिल किया जाए तो पेंशनरों को अधिक लाभ होगा। पेंशनरों ने उन्हेें मिलने वाले चिकित्सा भत्ते का नाकाफी करार दिया है। उनका कहना है कि यह भत्ता पंजाब की तर्ज पर कम से कम 500 रुपये प्रति माह होना चाहिए। महंगाई भत्ते की दस प्रतिशत किश्त को उन्होंने एक जनवरी, 2014 से देने की भी मांग की है। बैठक में वरिष्ठ उपप्रधान जीआर शर्मा, गोपाल शर्मा, नंद लाल राही, ओपी गर्ग, महेंद्र बक्शी, ओपी मेहता, ज्ञान चंद, रविंद, नंद लाल कौंडल, प्रेम लाल सहित कई पेंशनर्स उपस्थित थे।
