दूसरों के लिए शिक्षा मॉडल बना हिमाचल

शिमला। सरकारी स्कूलों में वोकेशनल विषयों को सामान्य विषयों के रूप में पढ़ाने वाला हिमाचल पहला राज्य बन गया है। प्रदेश शिक्षा विभाग ने कैसे ये विषय शुरू किए, क्या मॉडल अपनाया और कितने स्टूडेंट्स इन्हें पढ़ने के इच्छुक हैं? इसको लेकर तीन राज्यों ने हिमाचल से संपर्क किया है। किस मॉडल के तहत प्रदेश में वोकेशनल विषय पढ़ाए जा रहे हैं। ये राज्य यह जानना चाहते हैं। अब तक हरियाणा, यूपी और उत्तराखंड के संबंधित अधिकारियों ने शिक्षा विभाग से संपर्क किया है। उत्तरप्रदेश के शिक्षा अधिकारी ने हिमाचल शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मिलकर जानकारी जुटाई है। इसके अलावा हरियाणा और उत्तराखंड के अधिकारियों ने मिलने की इच्छा जताकर मॉडल को समझने की बात कही है।
प्रदेश शिक्षा विभाग ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के नेशनल वोकेशनल एजूकेशन क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (एनवीईक्यूएफ) योजना के तहत एक साल पहले वोकेशनल विषय शुरू किए हैं। पहले वर्ष विभाग ने 200 स्कूलों में पांच वोकेशनल विषय शुरू किए। स्टूडेंट्स की रुचि को देखते हुए इस सत्र से 100 नए स्कूलों में चार वोकेशनल विषय शुरू करने का फैसला लिया है। इनमें दो नए वोकेशनल विषय भी शुरू किए हैं। 9वीं से 12वीं कक्षा तक ये विषय पढ़ाए जाते हैं। एनवीईक्यूएफ योजना के तहत वर्तमान में 200 वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में पांच वोकेशनल विषय पढ़ाए जा रहे हैं। इनमें 49 स्कूलों में ऑटोमोबाइल, 50 स्कूलों में हेल्थ केयर, 26 में सिक्योरिटी, 25 में रिटेल और 50 स्कूलों में आईटी विषय पढ़ाए जा रहे हैं। इस सत्र से 100 नए स्कूलों में पर्यटन और कृषि विषय पढ़ाने का फैसला किया है। इन नए स्कूलों में आईटी को छोड़ सभी विषय भी पढ़ाए जाएंगे।

प्रदेश में वोकेशनल विषय शुरू करना सफल प्रयास रहा है। देश के कई राज्य इसके बारे में जानना चाहते हैं और अपने राज्य में हिमाचल की तर्ज पर कार्य करना चाहते हैं। कई राज्य इस संबंध में संपर्क कर चुके हैं।
– डा. अमरदेव, राज्य परियोजना निदेशक रूसा।

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