टैंक में नहीं ढक्कन, बिजली वायरिंग से खतरा

बरठीं (बिलासपुर)। स्वच्छ पेयजल मुहैया करवाने के सरकारी दावों पर यहां संतोष नहीं किया जा सकता। बरठीं से सटे सुन्हाणी, बरठीं और टीहरा इलाकों की लगभग दस हजार की आबादी को मिल रहे पानी की शुद्धता सवालों के घेरे में आ गई है। इलाके में इन दिनों पेयजल का भी संकट चल रहा है। दरअसल, यहां आईपीएच विभाग द्वारा बनाया गया टैंक बिना ढक्कन के चल रहा है। इससे पानी दूषित होने का अंदेशा बना हुआ है।
ग्रामीणों के मुताबिक गर्मियों में लोगों को पेयजल किल्लत से निजात दिलाने के लिए विभाग ने खड्ड में एक कुंआ बनाया है। जो ऊपर से खुला है। मशीनों को सही मात्रा में बिजली वोल्टेज के लिए वहां पर ट्रांसफार्मर लगाया गया है, जिसमें एक भी ग्रिप नहीं लगा है। काम चलाने के लिए आईपीएच विभाग के कर्मचारियों ने तारों को सीधे ही जोड़ दिया है। बोर्ड में लगी सारी तारें नंगी है जिस कारण वहां पर कोई भी हादसा हो सकता है। पंप ऑपरेटरों के अभाव में विभाग ने लाखों रुपये की इन योजनाओं को चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के हवाले कर रखा है। पानी की अशुद्धता का भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीण, देवराज, संजय, देश राज, राजेंद्र, नौणू राम, द्रोपदी देवी ने कहा कि इस योजना में पानी की किल्लत चल रही है। आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता राकेश वैद्य ने कहा कि एक महीने में तीन बार पानी की जांच की जाती है। प्राकृतिक जल स्रोत से पानी उठाया जा रहा है। पेयजल पूरी तरह से शुद्ध है।

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