सुविधाओं के अभाव पर उठाया बहिष्कार का कदम

लंज (कांगड़ा)। शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के कलरू गांव के लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग न करके सरकार को यह दिखाने की कोशिश की है कि चाहे आबादी कम क्यों न हो, अपने अधिकार के लिए लड़ना हर किसी को आता है। स्थानीय लोगों रोशन लाल, महिंद्र सिह, योग राज, रिंकू, अश्वनी कुमार, दिल राज, बलदेव सिंह, बलवीर सिंह, काकू, करतार सिंह, भाग सिंह, प्रकाश चंद आदि का कहना है कि हमें भी दुख है कि हम अपने सबसे बडे़ अधिकार का प्रयोग नहीं कर सके। लेकिन, कई बार स्थानीय विधायक और कांग्रेस के नेताओं से गुहार लगा-लगा कर थक चुके थे। मांग की जा रही थी कि हमें भी अन्य क्षेत्रों की तरह सुविधाएं प्रदान की जाएं, लेकिन किसी भी नेता ने हमारी बात नहीं सुनी। इसके चलते गांव के लोगों ने यह कदम उठाया है। परगोड़ से कलरू गांव के लिए2 साल से एससीएसटी हेड के माध्यम लिए 80 लाख रुपये से बनने वाली सड़क का काम दो वर्ष पहले लगा था, लेकिन 20 लाख रुपये खर्च करने के बाद मात्र दो किलोमीटर सड़क का निर्माण हो सका। उसके बाद काम बंद कर दिया गया और आज दिन तक इस सड़क का काम दोबारा शुरू नहीं हुआ है। पूर्व मंत्री व वर्तमान में शाहपुर विधायक सरवीण चौधरी ने 25 जुलाई 2012 को 4 करोड़ 20 लाख की लागत से बनने वाले कलरू पुल की आधारशिला रखी थी। लेकिन, आज दिन तक पुल का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। बच्चों को बरसात में गज्ज खड्ड पार कर स्कूल जाना पड़ता है। आज भी लोगों को जंगल में स्थित बावड़ी में पाइपें डालकर विभाग पीने का पानी मुहैया करवा रहा है। जब यह पाइपें डाली गईं, तब से इनको बदला नहीं गया है। स्थानीय लोग पाइपों की लीकेज बंद करने के लिए प्लास्टिक का प्रयोग करते आ रहे हैं। शाहपुर की विधायक सरवीण चौधरी का कहना है कि उन्होंने कलरू के पुल निर्माण के लिए 4 करोड़ 20 लाख मंजूर करवाए हैं। इस पुल का दो बार टेंडर भी हो चुका है, लेकिन वर्तमान सरकार के नेता अपनी हार मान कर इस पुल के काम को नहीं होने दे रहे है। वहीं, सेक्टर मजिस्ट्रेट कम नायब तहसीलदार हारचक्कियां कर्म चंद ने कहा कि कल वह खुद कलरू गांव गए थे। लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया। लेकिन, लोगों ने तर्क दिया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी तब तक मत का प्रयोग नहीं करेंगे।

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