
कुल्लू। जिला मुख्यालय में सैलानियों के न आने से कुल्लू शहर का कारोबार चौपट हो गया है। भुंतर से होकर पर्यटक सीधा मनाली निकल जाते हैं। इसके चलते कुल्लू के बाजार सूने पड़ गए हैं। ऐसे में व्यापार मंडल कुल्लू ने जिला प्रशासन से इसको लेकर ठोस पहल करने की मांग की है। व्यापार मंडल कुल्लू का कहना है कि बीते करीब एक दशक से कुल्लू शहर का कारोबार पचास फीसदी तक गिर गया है। कहा कि सैलानियों का जिला मुख्यालय से होकर न आने से शहर के करीब एक हजार विभिन्न व्यवसाय करने वाले कारोबारियों को इसका नुकसान झेलना पड़ रहा है। व्यापार मंडल कुल्लू के अध्यक्ष राजेश सेठ (काकू) ने कहा कि जब से पुलिस ने भुंतर से पर्यटक वाहनों को वाम तट होकर डायवर्ट किया है, व्यापारियों का कामकाज पचास फीसदी तक गिर गया है। उन्होंने इसको लेकर जिला प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की है। उधर, शहर के कारोबारी कुशाल सेन, देवी राम, अजय कुमार, दलीप कुमार, अशोक, अमित, संजू, देवेंद्र कुमार तथा भगत राम ने कहा कि सैलानियों के न आने से जहां बाजार की रौनक गायब हो गई है, वहीं उनके कारोबार पर भी खासा प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इसको लेकर सरकार तथा जिला प्रशासन को ध्यान देने की आवश्यकता है। प्रदेश कांग्रेस के महासचिव सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि इस मामले को उन्होंने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के समक्ष उठाया है। मुख्यमंत्री ने इसके समाधान को लेकर भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. विनोद कुमार धवन से भी इस मसले पर बात की है।
