
शिमला

रिकॉर्ड वोटिंग से गड़बड़ाए पार्टियों के गणित
शिमला संसदीय सीट से कांग्रेस के मोहन लाल ब्राक्टा और भाजपा के वीरेंद्र कश्यप मैदान में हैं। कांग्रेस जिला शिमला से शुरू से ही लीड मानकर चल रही थी लेकिन अब सोलन और सिरमौर में हुए भारी मतदान ने कांग्रेस को भी सांसत में डाल दिया है।
ये दोनों जिले शिमला सीट के तहत आते हैं। कांग्रेस को अंदर खाते डर
शिमला में पहली बार बंपर वोटिंग
वहीं, भाजपा का कहना है कि पूरे देश में मोदी लहर है और जिले से भी कांग्रेस का सूपड़ा साफ है। भाजपा नेता दावा कर रहे हैं कि रिकॉर्ड वोट इस बात का सूचक है कि शिमला के सात विधानसभा क्षेत्रों से भाजपा प्रत्याशी को लीड मिलने जा रही है।
बताते चलें कि कांग्रेस को सबसे अधिक उम्मीद रोहडू़, शिमला ग्रामीण, कसुम्पटी और चौपाल से है। कांग्रेस इन विधानसभा क्षेत्रों को अपना गढ़ मानकर चल रही है। कांग्रेस को आस है कि इन तीन विधानसभा क्षेत्रों से मतदाता प्रत्याशियों को इतनी लीड दे देंगे कि इसे भाजपा को सोलन और सिरमौर से तोड़ पाना मुमकिन नहीं होगा।

यहां से भाजपा को हो सकता है फायदा
भाजपा उम्मीदवार वीरेंद्र कश्यप की इन दोनों जिलों में कांग्रेस से ज्यादा पकड़ है। वे यही से लीड लेकर पिछली बार चुनाव जीते थे।
अब देखना है कि बंपर वोटिंग से उन्हें कितना फायदा होता है। फिलहाल भाजपा इस बंपर वोटिंग को अपने पक्ष में बता रही है।
है कि कहीं इन दो जिलों का मतदान पार्टी के लिए नुकसान देय साबित न हो। हालांकि, भाजपा की तरह कांग्रेस के नेता मतदान को अपने पक्ष में बताकर प्रत्याशी की जीत का डंका अभी से बजाने में लग गए हैं लेकिन असलियत क्या है यह सोलह मई को सबके सामने आएगी।
