एससीए को भंग करना आचार संहिता के खिलाफ

चंबा। प्रदेश विश्वविद्यालय में एससीए को भंग करने के विवि प्रशासन के फैसले का एसएफआई की जिला कमेटी ने कड़ा विरोध किया है। छात्र संगठन ने विवि के इस निर्णय को आचार संहिता के खिलाफ बताया। एसएफआई के जिला सचिव देवेंद्र शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय में एनएसयूआई ने बाहरी तत्वों के साथ मिलकर विवि के माहौल को खराब करने की कोशिश की। इसके अलावा विश्वविद्यालय की छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की। एसएफआई ने जब इसका विरोध किया तो एनएसयूआई के कार्यकर्ताआें ने बाहरी तत्वों के साथ मिलकर एसफआई के कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रदेश सरकार के इशारे पर एससीए को भंग करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि सरकार व पुलिस की मिलीभगत से एसएफआई कार्यकर्ताओं पर एकतरफा कार्रवाई र्हुई है, जबकि गुंडा तत्वों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। एसएफआई इसका कड़ा विरोध करती है। एसएफआई के प्रदेश सह सचिव विजय राठौर ने बताया कि विश्वविद्यालय में एसएफआई छात्रों की मांगों को लेकर आंदोलनरत थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों के ध्यान को भटकाने के लिए इस घटना को अंजाम दिया। राठौर ने कहा कि छात्रों द्वारा चुनी गई संस्था को भंग करना पूर्ण रूप से असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि एसएफआई कार्यकर्ताओं पर बनाए गए केस व दमनकारी नीतियों के खिलाफ एसएफआई प्रदेश भर में आंदोलन शुरू कर सरकार को जवाब देगी। उन्होंने छात्र समुदाय से लामबंद होकर आंदोलन करने की अपील की है।

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