प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समक्ष नप ने रखा पक्ष

मंडी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों को मंडी शहर में कारगर तरीके से लागू करने को लेकर नगर परिषद ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखा। बैठक में नगर परिषद के सहायक अभियंता विनोद कुमार ने नप की गतिविधियां बताईं। गौरतलब है कि नगर परिषद मंडी में ठोस कूड़ा-कचरा संयंत्र को लेकर एक सीपीसी फंडिंग प्रोजेक्ट चल रहा है। इसके प्रथम चरण में 1.8 करोड़ मंजूर हुए थे। इस राशि को नगर परिषद ने खर्च कर उपयोगिता प्रमाणपत्र भी जमा कर दिया है।
अब इसका द्वितीय चरण शुरू हो चुका है। इसके तहत कूड़े के निपटारे का कार्य किया जाएगा। प्रोजेक्ट की शर्तों के अनुसार पर्यावरण क्लीयरेंस मिलने पर ही अगली ग्रांट दी जाएगी। इसके लिए नप ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समक्ष एक निजी फर्म को यह कार्य सौंपने के बारे में पक्ष रखा। नप ने बताया कि योजना के तहत नगर परिषद मौजूदा समय में 15 मीट्रिक टन कूड़ा रोजाना एकत्रित कर रही है। वर्तमान में मंडी शहर में कुल 54 छोटे-बड़े कूड़ेदान हैं। इन्हें धीरे-धीरे कम किया जा रहा है।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अजय पराशर ने बताया कि ठोस कूड़ा कचरा संयंत्र का प्रथम चरण समाप्त हो गया है। अब दूसरा चरण चल रहा है। लेकिन ग्रांट लेने के लिए शर्तें पूरी करनी होंगी। पर्यावरण क्लीयरेंस के लिए निजी कंपनी को कार्य सौंपा है। ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों को लागू करने बारे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ बैठक कर मूल्यांकन किया है।_

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