न स्टाफ, न सफाई और न ही सुविधाएं

अंब (ऊना)। 40 पंचायतें की 20 हजार आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के लिए खोले गए खंड चिकित्सालय अंब में मरीजों को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। हालात यह है कि यहां बेड कम होने के कारण एक ही बेड पर दो से तीन मरीज लेटाए गए हैं। अस्पताल के लिए बनी करीब 500 मीटर सड़क भी टूट गई है। खराब सड़क मरीजाें के मर्ज को और बढ़ा रही है। सुबह के 11.30 बजे तक इस कूड़े दानों की सफाई नहीं होती है। अस्पताल में एक ही स्वीपर होने के कारण सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार यहां एक ही सफाई कर्मचारी है जो पहले ओपीडी साफ करता है, उसके बाद वार्डों की सफाई करता है।
‘अमर उजाला’ की टीम ने शनिवार को सुबह 10.40 बजे अंब अस्पताल में हालात का जायजा लिया। 11.30 बजे तक अस्पताल में सफाई तक नहीं हुई थी। अस्पताल के आसपास नालियां ब्लॉक होने से गंदा पानी जमा हो गया है। ओपीडी में जाने वाले मरीजों के लिए एक नई मुसीबत खड़ी हो गई। नए भवन के निर्माण के चलते आने-जाने वाले मरीजों के आसपास कभी ईंट, कभी सीमेंट के टुकड़े तो कभी सरिये के टुकड़े गिर रहे हैं। खुद को किसी तरह बचते-बचाते मरीजों को ओपीडी तक पहुंचना पड़ता है। भवन निर्माण सामग्री अस्पताल परिसर में जहां तहां फैली हुई है, जिससे उलझकर कई बार मरीज और अटेंडेंट गिर जाते हैं। परिसर तंग होने के कारण एंबुलेंस भी मेन गेट तक नहीं पहुंच पाती। नए बन रहे भवन से होकर ओपीडी जाने वाले रास्ते पर छत तथा अन्य सुरक्षा का इंतजाम नहीं हैं। खंड चिकित्सा अधिकारी भी अपने दफ्तर को इसी रास्ते से जाते हैं।
मरीजों के साथ आए तीमारदारों में अंजना कुमारी, सुमन, कोमल, रजनी, सुरक्षा, अनीता कुमारी, प्रीति, भजनो देवी, शकुंतला, राखो देवी, अमन प्रीत कौर, गौरी, जितेंद्र सिंह, सुनील सिंह और कुलविंद्र आदि के अनुसार अस्पताल में सुविधाओं के अभाव के चलते लोग परेशानी झेल रहे हैं।

शोर न मचता तो डॉक्टर साहब घायल हो जाते
अस्पताल की एक महिला कर्मचारी ने बताया कि नए भवन निर्माण के चलते हर समय कुछ न कुछ गिरता रहता है। कुछ दिन पहले सीमेंट का बैग नीचे गिर गया। उस वक्त अगर लोगों ने शोर न मचाया होता तो एक डॉक्टर इसक ी जद में आ जाते। हालांकि अब भवन निर्माण कार्य अंतिम दौर में है।

शाम के समय हो काम
रवि, भारत भूषण, सुरेंद्र्र, नीलम शर्मा, सुदर्शना ने कहा कि अस्पताल में भवन निर्माण कार्य शाम को तीन-चार बजे के बाद शुरु होना चाहिए। रात को भी काम हो। दिन के समय मरीजों और अन्य लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर काम नहीं होना चाहिए।

आदमी अधा ता इयां मरी जांदा
लता कुमारी, स्वर्णा देवी और निर्मला देवी ने कहा कि अस्पताल की सड़क खराब है। मरीजों को इससे और परेशानी होती है। लोगों के अनुसार-आदमी अधा ता इयां ही मरी जांदा।

सुविधाएं और बढ़ेंगी : डॉ प्रवीण
बीएमओ डॉ प्रवीण ने कहा कि अस्पताल का नया भवन जल्द तैयार होगा। इसके बाद अस्पताल में बेडों की संख्या भी बढ़ेगी और सुविधाओं में इजाफा होगा। सफाई व्यवस्था को भी सुदृढ़ करवाया जाएगा।

सड़क ठीक कराएंगे
लोनिवि के एसडीओ आरके शर्मा के अनुसार मुख्य मार्ग से अस्पताल का फासला करीब 500 मीटर है। अस्पताल के लिए सड़क को जल्द ही दुरुस्त कराया जाएगा। प्राक्कलन भेजा गया है, राशि स्वीकृत होते ही काम आरंभ होेगा।

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