
सलूणी (चंबा)। शिक्षा खंड सलूणी के अंतर्गत करीब एक दर्जन प्राइमरी स्कूल एक-एक अध्यापक के हवाले हैं। इस कारण स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है। क्षेत्र की प्राथमिक पाठशाला झौड़ा, गरझिंडू, कियाणी, नगोर, सुनूह, भलोगी, छतरेड़, थलोगा, भिंग और द्रूड़ सहित एक दर्जन स्कूलों में पिछले करीब एक साल से एक-एक अध्यापक की सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से अधिकतर स्कूलों में 50 से अधिक छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसके बावजूद इन स्कूलों में दो शिक्षकों की तैनाती नहीं हो पाई है। इस कारण बच्चों की पढ़ाई काफी प्रभावित हो रही है। ग्राम पंचायत मौड़ा के प्रधान प्रकाश चंद क पूर, पूर्व प्रधान तेज राम, कन्हैया राम, सिंह राम, जगदीश, प्यार सिंह, बलदेव, उत्तम, प्यारो, चुनी लाल, जगदीश कुमार, दौलत राम, चमारू राम व टेक चंद ने बताया कि सरकार ने बच्चों को घरद्वार शिक्षा मुहैया करवाने के लिए स्कूल तो खोल दिए हैं, लेकिन उनमें शिक्षकों की तैनाती नहीं की। ऐसे में इन स्कूलों में शिक्षा का स्तर काफी गिर चुका है। उन्होेंने कहा कि स्कूलों में तैनात एक-एक अध्यापक का सारा समय मिड डे मील व अन्य कागजी औपचारिकताएं पूरी करने में बीत जाता है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार व शिक्षा विभाग से इन स्कूलों में एक-एक और अध्यापक तैनात करने की मांग की है।
