
पपरोला (कांगड़ा)। प्रदेश के विभिन्न विभागों में वर्षों से सेवाएं दे रहे गृहरक्षक अनदेखी का दंश झेलने पर मजबूर हैं। इन्हें आज तक पेंशन सहित अन्य वित्तीय लाभ मिलना तो दूर, वेतन भी समय पर नहीं मिलता है। हिमाचल प्रदेश गृहरक्षक कल्याणकारी संगठन जिला कांगड़ा के पूर्व उपाध्यक्ष एवं पालमपुर कंपनी के प्रधान रंजन कटोच ने कहा कि वर्ष 1968 से गृह रक्षा विभाग के तहत हजारों गृहरक्षक प्रदेश के विभिन्न सरकारी महकमों में नि:स्वार्थ सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, लेकिन किसी भी सरकार या राजनीतिक दल ने इनकी आज तक सुध नहीं ली है।
विभाग के कई जवान व अवैतनिक पदाधिकारी बिना किसी वित्तीय लाभ एवं पेंशन के सेवानिवृत्त हो गए, लेकिन उनकी मांगों पर किसी ने गौर नहीं किया। वर्तमान में करीब 9 हजार गृहरक्षक दो दर्जन विभागों में जान-माल की सुरक्षा का जिम्मा संभाले हुए हैं, मगर उन्हें न तो समय पर वेतन मिलता है और न ही अन्य लाभ। महंगाई के दौर में गृहरक्षकों को परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।
उन्होंने खेद जताते हुए कहा कि आज तक किसी भी सांसद, विधायक या राजनीतिक दल के नेताओं ने गृह रक्षकों को नियमित करने या पेंशन दिलवाने के लिए कारगर पहल तक नहीं की है, जिस कारण गृहरक्षकों में रोष व्याप्त है। कटोच ने सरकार से गृहरक्षकों को वित्तीय लाभ दिलाने के लिए कदम उठाने की अपील की है।
