
धर्मशाला। प्रदेश में कौशल विकास भत्ते के नाम पर खेल शुरू हो गया है। युवा वर्ग ने कौशल विकास भत्ता लेने के लिए शिक्षण संस्थानों में प्रवेश तो ले लिया है, लेकिन मौजूदा समय में स्थिति यह है कि अधिकतर युवाओं ने एक से दो महीने तक संस्थान का रुख ही नहीं किया है। भत्ते की राशि युवाओं के बैंक अकाउंट में पड़ जा रही है। जिससे युवा मौज उड़ा रहे हैं। उधर, इस तरह की शिकायत पर रोजगार विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। बिना कारण 10 से 15 दिन तक संस्थान में अनुपस्थित रहने वाले छात्रों का मासिक भत्ता बंद किए जाने का निर्णय लिया है। पुख्ता सूत्रों के मुताबिक प्रशिक्षण संस्थानों की शिकायत के बाद प्रदेश में अब तक दो दर्जन के करीब छात्रों का कौशल विकास भत्ता बंद कर दिया गया है। दरअसल, रोजगार विभाग में आवेदन के बाद छात्रों ने शिक्षण संस्थानों में प्रवेश तो ले लिया, लेकिन संस्थान में कक्षाएं लगाने नहीं पहुंचे।
प्रदेश सरकार ने कौशल विकास भत्ते के नाम पर योजना शुरू की थी। इसके तहत पात्र युवाओं को एक हजार रुपये प्रति माह मिलने का प्रावधान है, लेकिन युवा कौशल को निखारे बगैर योजना का पैसा जेब में डालना चाह रहे हैं। छात्रों के संस्थानों तक न पहुंचने की शिकायतें रोजगार विभाग में आ रही हैं। प्रदेश के कई संस्थानों में इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। जहां छात्रों ने कौशल विकास के लिए प्रवेश तो ले लिया है, लेकिन कक्षाओं में दस्तक देने से तौबा कर ली है।
अनुपस्थित रहे तो बंद होगा भत्ता
रोजगार विभाग के मुताबिक लगातार अनुपस्थित रहने वाले छात्रों पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। कौशल विकास भत्ता योजना का सही लाभ न उठाने वाले छात्रों का मासिक भत्ता बंद कर दिया जाएगा। संस्थान में हाजिर होने वाले छात्रों के अकाउंट में ही भत्ते की राशि डाली जाएगी।
कोट्स..
संस्थान में न आने वाले छात्रों पर कार्रवाई करते हुए उनका कौशल विकास भत्ता बंद कर दिया जाएगा। विभाग ने ऐसे मामलों में कार्रवाई शुरू कर दी है।
…क्षेत्रीय रोजगार अधिकारी जेएस पटियाल
