
चंबा। पिछले दिनों चंबा दौरे पर आए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने जिला चंबा के सीमावर्ती क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे विशेष पुलिस अधिकारिओं (एसपीओ) का मानदेय बढ़ाने की घोषणा की थी। हैरानी की बात है कि इन्हें बढ़ा हुआ मानदेय मिलना तो दूर इन्हें तीन माह से पुराना मानदेय तक नहीं मिला है। जम्मू-कश्मीर की सीमा के साथ लगते जिले के इलाकों में क्षेत्र की सुरक्षा के लिए सरकार ने एसपीओ तैनात कर रखे हैं। इन्हें तीन हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। इसकी अदायगी एसपी कार्यालय से की जाती है। एसपीओ उत्तम, सुभाष, हेम राज, राजमल, मदन, प्रभदयाल, भानू, खेम, महिंद्र, रविंद्र, हरीश ने बताया कि उनके खाते में पिछले तीन माह का मानदेय नहीं पड़ा है। इस कारण उन्हें अपने परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने लगभग 15 साल पहले 219 किलोमीटर लंबी जम्मू-कश्मीर सीमा पर चौकसी बढ़ाने के लिए जिले के चार सेक्टरों में 467 एसपीओ की तैनाती की थी। विकास खंड सलूणी के किहार सेक्टर में 176, तीसा में 75, पांगी में 60 और खैरी सेक्टर सहित अन्य जगहों पर 100 से ज्यादा एसपीओ की तैनाती की है। ये जवान थाना व चौकी पुलिस के अलावा फौजियों के साथ जगह-जगह गर्मी-सर्दी व बर्फबारी में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन सरकार द्वारा उनकी उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक और सरकार ने एक हजार रुपये मानदेय बढ़ाने की घोषणा की है, दूसरी और तीन-तीन महीने का मानदेय नहीं मिल रहा है। ऐसे में पुलिस जवानों के साथ यह भद्दा मजाक किया जा रहा है।
उधर, पुलिस अधीक्षक डीके चौधरी ने बताया कि उन्हें एसपीओ को एक माह का वेतन न मिलने की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि इसी हफ्ते मानदेय उनके खाते में डालवा दिया जाएगा।
