
पुखरी (चंबा)। आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी मसरूंड एक चपरासी के हवाले है। डिस्पेंसरी में न तो चिकित्सक है, न फार्मास्टि और न ही दायी। ये सभी पद पिछले करीब एक साल से खाली चल रहे हैं, लेकिन सरकार व संबंधित विभाग ने इन पदों को भरने की कोशिश तक नहीं की। इस कारण ग्रामीणों को उचित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। हालांकि नजदीकी आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी हमलगला से तीन दिन के लिए फार्मासिस्ट को डेपुटेशन यहां भेजा जाता है, लेकिन जब हमलगला डिस्पेंसरी में तैनात फार्मासिस्ट तीन दिन मसरूंड डिस्पेंसरी में सेवाएं देता है तो हमलगला डिस्पेंसरी चपरासी के हवाले रह जाती है। इस कारण वहां की जनता को भी परेशानी होती है। स्थानीय निवासी बलदेव कुमार, चमन सिंह, केहर सिंह, सतीश कुमार, राजकुमार, ख्यालिया राम, हरनाम सिंह, नरेंद्र कुमार, बृज मोहन, तेज सिंह, विपन कुमार, बिटटू राम, बबलू, चतरो राम, सुरेंद्र कुमार, प्रेम लाल और प्यार सिंह ने बताया कि डिस्पेंसरी में स्टाफ न होने के कारण उन्हें उपचार करवाने में काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने सरकार व संबंधित विभाग से मांग की है कि आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी मसरूंड में खाली पड़े पदों को भरा जाए।
